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India के ये मंदिर जहां प्रसाद में मिलता है पैसा, नोट और सिक्के पाकर भक्त होते हैं खुश

India Unique Temple : भारत में मंदिरों की संख्या लाखों में है, लेकिन कुछ धार्मिक स्थल अपनी परंपराओं के कारण खास पहचान रखते हैं। आमतौर पर मंदिरों में भक्तों को मिठाई या फल बांटे जाते हैं, लेकिन तमिलनाडु और मध्य प्रदेश में स्थित दो मंदिर ऐसे हैं जहां प्रसाद के रूप में धन दिया जाता है। श्रद्धालु इस परंपरा को आस्था और आशीर्वाद से जोड़कर देखते हैं।

तमिलनाडु के थेनी जिले के कदमलाईकुंडु के पास पहाड़ी क्षेत्र में स्थित करुणासामी मंदिर अपनी विशेष मान्यता के लिए प्रसिद्ध है। यहां मुख्य रूप से करुणासामी देवी की पूजा की जाती है।

India Unique Temple

भक्तों का विश्वास है कि जो लोग अदालत से जुड़े मामलों, पारिवारिक विवादों या निजी परेशानियों से जूझ रहे होते हैं, वे यहां सच्चे मन से प्रार्थना करें तो उन्हें राहत मिलती है। इस मंदिर की सबसे अनोखी बात यहां मिलने वाला प्रसाद है। भक्तों को प्रसाद के रूप में नोट दिए जाते हैं। मान्यता है कि देवी भक्तों की मुश्किलें दूर कर उन्हें आर्थिक मदद और सहारा प्रदान करती हैं।

महालक्ष्मी मंदिर, रतलाम

मध्य प्रदेश के रतलाम स्थित महालक्ष्मी मंदिर भी अपनी खास परंपरा के लिए जाना जाता है। यह मंदिर मानक चौक में स्थित है और पूरे वर्ष श्रद्धालुओं से भरा रहता है, लेकिन दीपावली के समय इसका स्वरूप पूरी तरह बदल जाता है। धनतेरस से लेकर दीपावली के पांच दिनों तक मंदिर के गर्भगृह को नोटों, सोने के आभूषणों और रत्नों से सजाया जाता है। यह परंपरा रतलाम के पूर्व महाराजा रतन सिंह राठौर ने शुरू की थी, जो आज भी जारी है।

त्योहार के दौरान श्रद्धालु देवी को अपने पैसे और आभूषण अर्पित करते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से उनकी संपत्ति और समृद्धि में वृद्धि होती है। उत्सव समाप्त होने के बाद चढ़ाया गया दान श्रद्धालुओं को वापस कर दिया जाता है। साथ ही प्रसाद के रूप में उन्हें नोट और सिक्के भी प्रदान किए जाते हैं। इस दौरान भक्तों के चेहरे पर खुशी और आस्था दोनों साफ दिखाई देती हैं।

आस्था से जुड़ी अनोखी पहचान

करुणासामी मंदिर और रतलाम का महालक्ष्मी मंदिर इस बात के उदाहरण हैं कि भारत में भक्ति केवल परंपरा तक सीमित नहीं, बल्कि उससे जुड़ी मान्यताएं भी लोगों को गहराई से प्रभावित करती हैं। इन मंदिरों की प्रसिद्धि उनकी भव्यता या प्राचीनता से नहीं, बल्कि प्रसाद के रूप में मिलने वाले धन और श्रद्धा से बनी हुई विशेष परंपरा से है।

(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। Khabar Indiatv किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।)

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Sanjucta