Train RAC Ticket Rules: ट्रेन यात्रा के दौरान यदि आपका टिकट RAC (Reservation Against Cancellation) में है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार RAC टिकट भी वैध यात्रा टिकट होता है और सफर के दौरान कन्फर्म बर्थ मिलने की पूरी संभावना बनी रहती है।
RAC टिकट पर यात्रा पूरी तरह वैध
यदि रिजर्वेशन चार्ट बनने के बाद भी आपका टिकट RAC में रहता है, तब भी आप ट्रेन में यात्रा कर सकते हैं। रेलवे के नियमों के मुताबिक RAC टिकटधारक को ट्रेन से उतारा नहीं जा सकता और न ही उस पर किसी प्रकार का जुर्माना लगाया जा सकता है।
Train RAC Ticket Rules: बैठने के लिए सीट मिलती है
RAC टिकट वाले यात्रियों को बैठने के लिए सीट उपलब्ध कराई जाती है। आमतौर पर रेलवे एक साइड लोअर बर्थ दो RAC यात्रियों के बीच साझा कराता है, जिससे दोनों यात्री आराम से बैठकर सफर कर सकें।
सफर के दौरान मिल सकती है पूरी बर्थ
यदि यात्रा के दौरान किसी कन्फर्म टिकट वाले यात्री का टिकट रद्द हो जाए, वह ट्रेन में सवार न हो या बीच रास्ते में उतर जाए, तो खाली हुई बर्थ RAC यात्री को आवंटित कर दी जाती है। ऐसे में यात्रा के दौरान ही RAC टिकट कन्फर्म बर्थ में बदल सकता है।
Train RAC Ticket Rules: RAC और वेटिंग टिकट में बड़ा अंतर
RAC टिकट और वेटिंग टिकट एक जैसे नहीं होते। RAC टिकटधारक को यात्रा की अनुमति होती है और बैठने के लिए सीट भी मिलती है, जबकि वेटिंग टिकट वाले यात्री केवल टिकट कन्फर्म होने पर ही आरक्षित कोच में यात्रा कर सकते हैं। यही वजह है कि RAC टिकट वेटिंग टिकट से बेहतर माना जाता है।
AC RAC यात्रियों को भी मिलती हैं सभी सुविधाएं
यदि RAC टिकट एसी कोच का है, तो यात्री को अन्य यात्रियों की तरह कंबल, चादर और तकिया जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं। रेलवे RAC यात्रियों से भी पूरा किराया वसूलता है, इसलिए उन्हें निर्धारित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। रेलवे का कहना है कि RAC टिकट यात्रियों को यात्रा की गारंटी देता है और परिस्थितियां अनुकूल होने पर सफर के दौरान कन्फर्म बर्थ मिलने की संभावना भी बनी रहती है।
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