UP News: मुजफ्फरनगर जिले में सीएम योगी के दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। ड्यूटी में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में सब-इंस्पेक्टर चौबे सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई एसएसपी संजय कुमार वर्मा के निर्देश पर की गई।
घटना का वीडियो वायरल
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, फुगाना थाने में तैनात दरोगा चौबे सिंह की ड्यूटी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान खालापार थाना क्षेत्र में वीआईपी सुरक्षा में लगाई गई थी। जिले में हाई अलर्ट और तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू थी, ऐसे में हर अधिकारी और कर्मचारी को पूरी सतर्कता के साथ तैनात किया गया था। हालांकि, ड्यूटी के दौरान चौबे सिंह अपने निर्धारित स्थान पर मौजूद नहीं मिले। इसके बजाय वह तहसील सदर परिसर स्थित फैमिली कंपाउंड के पास नशे की हालत में अर्धनग्न अवस्था में पाए गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उनकी वर्दी अस्त-व्यस्त थी और वह ठीक से खड़े होने की स्थिति में भी नहीं थे।
UP News: दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित
इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में चौबे सिंह मिट्टी में लोटते हुए दिखाई दे रहे हैं और बार-बार “मैं कहां खड़ा हूं?” जैसे सवाल पूछते नजर आ रहे हैं। इस दृश्य ने न केवल वहां मौजूद लोगों को हैरान कर दिया, बल्कि पुलिस विभाग की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की। साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ड्यूटी के दौरान इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई।
प्रकरण में आगे की कार्रवाई तय
मामले में सीओ फुगाना यतेंद्र नागर ने कहा कि वीआईपी ड्यूटी के दौरान इस तरह की अनुशासनहीनता बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जिले में जगह-जगह बैरिकेडिंग, चेकिंग अभियान और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। ऐसे संवेदनशील समय में एक जिम्मेदार अधिकारी का इस तरह नशे की हालत में मिलना न केवल विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करता है। फिलहाल, यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के चलते पुलिस विभाग को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय जांच की रिपोर्ट आने के बाद इस प्रकरण में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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