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UPTET 2026: सघन जांच में अब तक 15 सॉल्वर पकड़े गए, फर्जी अभ्यर्थियों पर कड़ी कार्रवाई

नकल पर सख्त कार्रवाई, 15 गिरफ्तार

UPTET 2026: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP-TET) 2026 का दूसरा दिन शुक्रवार को आयोजित किया जा रहा है। सुबह 7:15 बजे से 8:45 बजे तक अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया। प्रवेश से पहले सभी उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड की जांच, बायोमेट्रिक सत्यापन और रेटिना स्कैन किया गया। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक होगी।

अलग-अलग जिलों में सख्त जांच

ललितपुर में एक महिला अभ्यर्थी घूंघट पहनकर परीक्षा देने पहुंची। पूछताछ में पता चला कि वह अपने जेठ के साथ परीक्षा केंद्र आई थी और बाहर जेठ के मौजूद होने के कारण उसने घूंघट कर रखा था।गोरखपुर में महिला अभ्यर्थियों से हेयरपिन, क्लचर, चूड़ियां और अन्य आभूषण उतरवाए गए। पुरुष अभ्यर्थियों की बेल्ट और गमछे भी बाहर रखवाए गए। इसके बाद रेटिना स्कैन और मेटल डिटेक्टर से जांच कर उन्हें प्रवेश दिया गया।हाथरस में महिला अभ्यर्थियों के बालों का जूड़ा खुलवाकर तलाशी ली गई, जबकि पुरुष अभ्यर्थियों को जूते उतारकर जांच से गुजरना पड़ा। दिव्यांग अभ्यर्थी भी परीक्षा देने पहुंचे।

UPTET 2026: महिला सिपाही ने पहुंचाया सही परीक्षा केंद्र

लखनऊ में एक महिला अभ्यर्थी गलती से दूसरे परीक्षा केंद्र पहुंच गई। जब तक उसे अपनी गलती का पता चला, तब तक सुबह 8:45 बजे हो चुके थे। समय कम होने पर एक महिला सिपाही ने उसे अपनी स्कूटी पर बैठाकर सही परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया।महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा का पेपर लीक होने की घटना के बाद उत्तर प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। सभी खुफिया एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। पहली बार शिक्षा चयन आयोग अपने AI इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से परीक्षा की निगरानी कर रहा है।

UPTET 2026: नकल पर सख्त कार्रवाई, 15 गिरफ्तार
नकल पर सख्त कार्रवाई, 15 गिरफ्तार

पहले दिन 15 सॉल्वर पकड़े गए

परीक्षा के पहले दिन गुरुवार को 15 ऐसे लोगों को पकड़ा गया, जो दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। पहले दिन दोनों पालियों में कुल 8,07,636 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 6,84,614 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। इस तरह पहले दिन 84.76 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई।

इस बार प्रदेश के 60 जिलों में 955 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा 4 जुलाई को भी आयोजित होगी। कुल 19.94 लाख अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। इनमें 17,67,180 उत्तर प्रदेश के निवासी हैं, जबकि 2,27,481 अभ्यर्थी अन्य राज्यों से आए हैं। इनमें 1,85,791 सेवारत शिक्षक भी शामिल हैं।

प्रतापगढ़ में हजारों अभ्यर्थी शामिल

प्रतापगढ़ में परीक्षा 18 केंद्रों पर आयोजित की जा रही है। सभी अभ्यर्थियों की पहचान पत्र और बायोमेट्रिक जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। पहले दिन 17,904 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 2,774 परीक्षा देने नहीं पहुंचे।कानपुर के परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की लंबी लाइनें लगी रहीं। एडमिट कार्ड और पहचान पत्र की जांच के बाद ही उम्मीदवारों को अंदर प्रवेश दिया गया।बदायूं जिले के 15 परीक्षा केंद्रों पर शुक्रवार को पहली पाली की परीक्षा शुरू हुई। सुबह से ही बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहुंचे। सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही उन्हें परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया।

सभी खुफिया एजेंसियां अलर्ट

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सभी खुफिया एजेंसियों को सतर्क रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि नकल या पेपर लीक की किसी भी कोशिश पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।राज्य के सभी परीक्षा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड लखनऊ स्थित कंट्रोल रूम से जोड़ी गई है। इसके अलावा हर जिले में अलग कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। परीक्षा से एक दिन पहले सभी सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई और जो कैमरे बंद मिले, उन्हें तुरंत चालू कराया गया।

सोशल मीडिया पर भी नजर

सोशल मीडिया और टेलीग्राम पर फैलने वाली अफवाहों और भ्रामक जानकारी पर नजर रखने के लिए विशेष साइबर टीम तैनात की गई है। यह टीम गलत सूचना फैलाने वालों पर नजर रख रही है।जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा शुरू होने से कम से कम 60 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचें। एडमिट कार्ड और मूल पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य है। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ईयरफोन और किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा केंद्र के अंदर पूरी तरह प्रतिबंधित हैं।

आधे घंटे पहले तय होगी शिक्षकों की ड्यूटी

परीक्षा केंद्रों पर सभी अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन, आईरिस स्कैन और लाइव फोटो लिया जाएगा। वहीं परीक्षा कक्षों में किस शिक्षक की ड्यूटी होगी, इसका फैसला परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा, ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे।

पुराने शिक्षक भी क्यों दे रहे हैं TET?

प्रदेश में लगभग 1.86 लाख सेवारत शिक्षक अभी तक TET पास नहीं कर पाए हैं। इनमें कई शिक्षक ऐसे हैं जो अगले पांच से छह वर्षों में सेवानिवृत्त होने वाले हैं और कई 25 से 30 वर्षों से पढ़ा रहे हैं।हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में कक्षा 8 तक पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों को 31 अगस्त 2027 तक हर हाल में TET पास करने का निर्देश दिया है। साथ ही राज्य सरकारों को कम से कम दो बार TET परीक्षा आयोजित करने के लिए भी कहा गया है।यदि निर्धारित समय तक शिक्षक TET पास नहीं करते हैं, तो उनकी नौकरी पर संकट आ सकता है। बिना TET पास किए उनका प्रमोशन भी लंबे समय से रुका हुआ है।

सेवारत शिक्षकों को विशेष अवकाश

UP-TET 2026 में शामिल होने वाले सेवारत शिक्षकों को राज्य सरकार ने विशेष अवकाश देने का फैसला किया है। इस संबंध में विशेष सचिव अवधेश कुमार तिवारी की ओर से शासनादेश भी जारी किया गया है।सुप्रीम कोर्ट के अनिवार्य TET संबंधी निर्देश के बाद वर्षों से पढ़ा रहे शिक्षकों को अब नए अभ्यर्थियों के साथ परीक्षा देनी पड़ रही है। ऐसे में परीक्षा की तैयारी और परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए विशेष छुट्टी उन्हें बड़ी राहत दे रही है।

प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के खास इंतजाम

आयोग ने कई प्रश्नपत्र सेट तैयार किए हैं, लेकिन परीक्षा में किस सेट का उपयोग होगा, इसका फैसला परीक्षा शुरू होने से केवल पांच घंटे पहले किया जाएगा।प्रश्नपत्र और OMR शीट के ट्रंक पर वन-टाइम लॉक लगाए गए हैं, जिन्हें परीक्षा शुरू होने से 45 मिनट पहले वायर कटर से खोला जाएगा। प्रश्नपत्र पारदर्शी वन-टाइम सील पैकेट में रखे गए हैं। ट्रंक लेबल और सेट कोड के लिए कलर कोडिंग की व्यवस्था भी की गई है, ताकि प्रत्येक पाली में सही प्रश्नपत्र वितरित किया जा सके।

एक मिनट में होगी जांच

परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति रैंडम आधार पर की जाएगी। आयोग के निर्देशानुसार प्रवेश से दो घंटे पहले स्टैटिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में निरीक्षकों की तैनाती होगी।मुख्य प्रवेश द्वार पर तकनीकी टीमें प्रत्येक अभ्यर्थी का बायोमेट्रिक, आईरिस स्कैन और फोटो अधिकतम एक मिनट में पूरा करने का प्रयास करेंगी।

आयोग ने OMR शीट भरने को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। यदि प्रश्न पुस्तिका का क्रमांक गलत या खाली छोड़ा गया तो उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन नहीं होगा। एक प्रश्न में एक से अधिक गोले भरने पर उत्तर अमान्य माना जाएगा। OMR शीट को मोड़ना या उस पर अतिरिक्त निशान बनाना भी गलत माना जाएगा। प्रश्न पुस्तिका के पन्ने फाड़ना या हटाना दंडनीय अपराध है।

दो पालियों में परीक्षा

पेपर-1 (कक्षा 1 से 5) की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। इसके लिए अभ्यर्थियों की एंट्री सुबह 7:15 बजे से 8:45 बजे तक होगी।

पेपर-2 (कक्षा 6 से 8) की परीक्षा दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। इसके लिए प्रवेश दोपहर 12:15 बजे से 1:45 बजे तक दिया जाएगा।

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