US Iran War Updates: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर पोप लियो पर निशाना साधते हुए ईरान को लेकर सख्त बयान दिया है। ट्रम्प का कहना है कि पिछले दो महीनों में ईरान में 42,000 से अधिक निर्दोष और निहत्थे प्रदर्शनकारियों की हत्या हुई है। यह बयान उन्होंने तब दिया जब पोप लियो ने ईरान मुद्दे पर बातचीत और शांति की अपील की थी।
ट्रम्प ने साफ कहा कि अमेरिका किसी भी हाल में यह स्वीकार नहीं करेगा कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करे। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि लोगों को पोप को यह जानकारी देनी चाहिए कि ईरान में भारी संख्या में लोगों की मौत हुई है और उसके पास परमाणु हथियार होना पूरी दुनिया के लिए खतरा है। इससे पहले भी ट्रम्प पोप लियो की आलोचना कर चुके हैं।
वहीं पोप लियो ने स्पष्ट किया है कि वे राजनीति में नहीं पड़ना चाहते और किसी भी राजनीतिक बहस या विवाद का हिस्सा नहीं बनेंगे। उनका कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य दुनिया में शांति स्थापित करना और युद्धों को समाप्त करना है।

ईरान को लेकर 24 घंटे की बड़ी अंतरराष्ट्रीय घटनाएं
पिछले 24 घंटों में ईरान से जुड़े कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय अपडेट सामने आए हैं। अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने संकेत दिया है कि ईरानी तेल व्यापार पर दी गई अस्थायी छूट जल्द ही समाप्त हो जाएगी और इसे आगे बढ़ाने की कोई योजना नहीं है।
इसी बीच यूरोपीय देश होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री आवाजाही को सामान्य करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा गठबंधन बनाने पर विचार कर रहे हैं, हालांकि इस योजना में अमेरिका को शामिल नहीं किया गया है।
कनाडा ने लेबनान के लिए 40 मिलियन डॉलर यानी लगभग 330 करोड़ रुपये की सहायता देने का फैसला किया है, जो अंतरराष्ट्रीय संगठनों के जरिए पहुंचाई जाएगी।
दूसरी ओर हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने पिछले 24 घंटों में 34 सैन्य हमले किए हैं, जिनमें इजराइल के ठिकानों और सैन्य वाहनों को निशाना बनाया गया है। इसी दौरान ट्रम्प ने यह भी संकेत दिया है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अगले दो दिनों में फिर से शुरू हो सकती है।

IMF की चेतावनी: वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बढ़ता खतरा
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने चेतावनी दी है कि ईरान संघर्ष का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। संस्था का कहना है कि अगर युद्ध जल्द खत्म भी हो जाए, तब भी आर्थिक विकास पर हल्का दबाव बना रहेगा।
IMF के अनुसार अगर यह संघर्ष लंबा चलता है तो वैश्विक विकास दर घटकर लगभग 2% तक आ सकती है और महंगाई 6% से अधिक हो सकती है। तेल उत्पादक देशों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ेगा, जबकि विकासशील देशों को विकसित देशों की तुलना में अधिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।
अमेरिका और ईरान बातचीत की दिशा
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि राष्ट्रपति ट्रम्प ईरान के साथ एक मजबूत और लंबे समय तक चलने वाला समझौता चाहते हैं। उनका कहना है कि दोनों देशों के बीच गहरा अविश्वास मौजूद है, लेकिन बातचीत धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है।वेंस ने यह भी माना कि यह समस्या तुरंत हल नहीं हो सकती और इसमें समय लगेगा, लेकिन सही दिशा में प्रयास जारी हैं।
लेबनान की ओर से हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजराइल के गैलीली क्षेत्र पर लगभग 20 रॉकेट दागे। इजराइल की रक्षा प्रणाली ने इनमें से कई रॉकेट रोक दिए, जबकि कुछ खुले इलाकों में गिरे। इस हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
दक्षिणी लेबनान में इजराइली कार्रवाई पर रिपोर्ट
एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इजराइली सेना दक्षिणी लेबनान में गाजा जैसी सैन्य रणनीति अपनाकर गांवों को नष्ट कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार घरों को गिराने की पहले से योजना बनाई जाती है और फिर बुलडोजरों की मदद से पूरे इलाकों को साफ किया जाता है।बताया गया है कि सीमा के पास के कई गांव पूरी तरह खत्म किए जा रहे हैं और सेना 20 किलोमीटर तक अंदर तक आगे बढ़ चुकी है।

IMF का तेल संकट और मंदी का खतरा
IMF ने तेल की कीमतों को लेकर भी गंभीर चेतावनी जारी की है। संस्था का कहना है कि अगर ईरान संघर्ष बढ़ता है तो 2026 में तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल और 2027 में 125 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।
सबसे खराब स्थिति में वैश्विक विकास दर 2% तक गिर सकती है। हालांकि अगर स्थिति सुधरती है तो तेल की कीमतें लगभग 82 डॉलर प्रति बैरल तक सामान्य हो सकती हैं।IMF का मानना है कि मौजूदा हालात में नकारात्मक परिदृश्य की संभावना ज्यादा है।

ट्रम्प का इटली की पीएम मेलोनी पर हमला
ट्रम्प ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर भी तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि मेलोनी ने ईरान युद्ध में अमेरिका का समर्थन नहीं किया और उन्होंने पर्याप्त साहस नहीं दिखाया।इसके जवाब में मेलोनी ने पहले ट्रम्प की पोप पर की गई टिप्पणी को गलत और अस्वीकार्य बताया था, जिसके बाद दोनों के बीच तनाव बढ़ गया है।
अमेरिकी कंपनी शेवरॉन के अनुसार वेनेजुएला से कच्चे तेल की सप्लाई बढ़ने से अमेरिका में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिली है।कंपनी का कहना है कि उनकी रिफाइनरी पूरी क्षमता पर काम कर रही है, जिससे ईंधन उत्पादन बढ़ा है और बाजार में स्थिरता आई है।
ईरान के बंदरगाहों के पास अमेरिकी निगरानी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया है कि उसके युद्धपोत ईरान के बंदरगाहों के आसपास लगातार निगरानी कर रहे हैं। सभी आने-जाने वाले जहाजों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है।
ट्रम्प ने साफ कहा है कि वह ईरान के साथ जारी सीजफायर को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दो दिन बेहद महत्वपूर्ण हैं और यह संघर्ष किसी भी दिशा में जा सकता है।

रूस का चीन को ऊर्जा सपोर्ट
रूस ने चीन को ऊर्जा आपूर्ति बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है ताकि ईरान संकट के कारण सप्लाई में किसी तरह की कमी न आए। रूस ने कहा है कि वह अपने सहयोगी देशों की जरूरतें पूरी करने के लिए तैयार है।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने साफ कर दिया है कि ईरानी तेल पर दी गई अस्थायी राहत जल्द खत्म कर दी जाएगी और इसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।इसके बाद ईरान पर आर्थिक दबाव और बढ़ जाएगा और जो देश उसके तेल व्यापार में शामिल होंगे, उन पर भी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
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