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ललिता गौतम हत्याकांड मामले में बिना नाम लिए चंद्रशेखर पर भड़की मायावती बोली- ‘मगरमच्छ के आंसू बहाने से न्याय नहीं मिलता’

ललिता गौतम हत्याकांड मामले में बिना नाम लिए चंद्रशेखर पर भड़की मायावती

Meerut News: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने मेरठ, सहारनपुर, प्रयागराज, हरदोई समेत विभिन्न स्थानों पर हुई हालिया घटनाओं के बहाने राजनीतिक दलों और संगठनों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल और संगठन पीड़ित एवं वंचित वर्गों को भड़काकर सड़कों पर उतारते हैं, हिंसा और सड़क जाम जैसी स्थितियां पैदा कराते हैं तथा बाद में घटनास्थल पर पहुंचकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास करते हैं।

संघर्ष कानून के दायरे में रहकर किया जाए

मायावती ने कहा कि ऐसे तरीकों से पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता, बल्कि उनकी परेशानियां और बढ़ जाती हैं। मायावती ने शुक्रवार को लखनऊ में जारी अपने बयान में कहा कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर ने दलितों, वंचितों और उपेक्षित समाज को संवैधानिक अधिकारों के साथ-साथ राजनीतिक शक्ति हासिल करने का रास्ता दिखाया था। बाबा साहब का स्पष्ट संदेश था कि अन्याय और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष कानून के दायरे में रहकर किया जाए। यदि निचली अदालत से न्याय न मिले तो उच्च अदालतों का दरवाजा खटखटाया जाए, न कि हिंसा, सड़क जाम और टकराव का रास्ता अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि मेरठ, सहारनपुर, प्रयागराज, हरदोई और देश के अन्य हिस्सों में जिस प्रकार की घटनाओं के बाद लोगों को उकसाकर आंदोलन कराए जा रहे हैं, उससे वास्तविक पीड़ितों को न्याय मिलने की संभावना कमजोर होती है।

Meerut News: नेता मगरमच्छ के आंसू बहाते

इसके बजाय कुछ राजनीतिक दल अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने का प्रयास करते हैं। पहले माहौल को हिंसा, धरना-प्रदर्शन और अशांति से बिगाड़ा जाता है और बाद में उनके नेता घटनास्थल पर पहुंचकर मगरमच्छ के आंसू बहाते हैं। बसपा प्रमुख ने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दल और संगठन परेशान और पीड़ित लोगों को भड़काकर तथा गुमराह करके उन्हें सड़कों पर उतार देते हैं। वे पहले हिंसा, धरना-प्रदर्शन, सड़क जाम और अन्य अशांति फैलाने वाले कार्यों के जरिए माहौल बिगाड़ते हैं। इसके बाद उनके नेता घटनास्थल पर पहुंचकर मगरमच्छ के आंसू बहाते हैं और उस घटना का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करते हैं। इससे पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता।

वंचित वर्गों से की सतर्क रहने की अपील

मायावती ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में समाज को बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा बताए गए शांतिपूर्ण, संवैधानिक और कानूनी मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि बहुजन समाज की समस्याओं का स्थायी समाधान एकजुटता और लोकतांत्रिक तरीके से राजनीतिक शक्ति हासिल करने में है। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं का समाधान बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा दिखाए गए शांतिपूर्ण और कानूनी मार्ग पर चलने में है। एकजुटता और वोट की ताकत के माध्यम से राजनीतिक सत्ता प्राप्त करना ही अनगिनत कठिनाइयों के समाधान की ‘मास्टर की’ है। बहुजन समाज पार्टी इसी मार्ग के प्रति प्रतिबद्ध है और बिना किसी विचलन के लगातार इसी उद्देश्य की दिशा में काम करती रहेगी।

बसपा सुप्रीमो ने आगामी विधानसभा, लोकसभा और स्थानीय निकाय चुनावों का उल्लेख करते हुए समाज के वंचित वर्गों से राजनीतिक रूप से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि चुनावों के समय विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों के बहकावे में आने के बजाय संविधान और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भरोसा रखना चाहिए। साथ ही, उन्होंने भगवान बुद्ध और बाबा साहब अंबेडकर के विचारों को अपनाने की भी अपील की।

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