Yogini Ekadashi: हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, यात्रा, निवेश, पूजा-पाठ या नए काम की शुरुआत से पहले पंचांग देखा जाता है। यह हिंदू काल-गणना प्रणाली है, जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति के आधार पर तैयार की जाती है।
दशमी के बाद लगेगी योगिनी एकादशी
10 जुलाई 2026, शुक्रवार को आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि सुबह 8:16 बजे तक रहेगी। इसके बाद योगिनी एकादशी शुरू हो जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह दिन नए काम शुरू करने, वाहन या संपत्ति खरीदने और शुभ कार्य करने के लिए बेहद शुभ माना जाता है।
भगवान विष्णु की पूजा का महत्व
मान्यता है कि योगिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने से व्यक्ति के सभी पापों का नाश होता है और उसे बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है।10 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:16 बजे से 5:04 बजे तक रहेगा। वहीं, अमृत काल सुबह 8:46 बजे से 10:15 बजे तक रहेगा। इन दोनों समयों को पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।
इस दिन सूर्योदय सुबह 5:52 बजे और सूर्यास्त शाम 7:12 बजे होगा। चंद्रोदय रात 1:17 बजे और चंद्रास्त दोपहर 3:08 बजे होगा।
नक्षत्र और योग
पंचांग के अनुसार, 10 जुलाई 2026 को सूर्य दोपहर 1:15 बजे तक भरणी नक्षत्र में रहेगा। इसके बाद वह कृत्तिका नक्षत्र में प्रवेश करेगा। चंद्रमा भी दोपहर 1:15 बजे तक भरणी नक्षत्र में रहेगा और फिर कृत्तिका नक्षत्र में प्रवेश करेगा।इस दिन हर्षण योग नहीं रहेगा। सुबह 7:15 बजे तक धृति योग रहेगा, जिसके बाद व्यतिपात योग शुरू हो जाएगा।
अभिजित मुहूर्त
शुक्रवार को अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:05 बजे से 12:58 बजे तक रहेगा। इसे दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। इस दौरान बिना राहुकाल या अन्य अशुभ समय की चिंता किए महत्वपूर्ण कार्य, पूजा या व्यापार की शुरुआत की जा सकती है।
राहुकाल और अन्य अशुभ समय
10 जुलाई को राहुकाल सुबह 10:43 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक रहेगा। गुलिक काल सुबह 7:15 बजे से 8:59 बजे तक रहेगा। वहीं, यमगंड काल भी सुबह 7:15 बजे से 8:59 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इन्हें अशुभ माना जाता है।
राशि परिवर्तन और दिशाशूल
10 जुलाई को सूर्य मिथुन राशि में और चंद्रमा मेष राशि में गोचर करेगा। इस दिन पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के अनुसार, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना जरूरी हो, तो पहले उचित ज्योतिषीय उपाय करने की सलाह दी जाती है।








