Lakhimpur Kheri: लखीमपुर खीरी जिले के जंगबहादुरगंज और पसगवां कस्बे के पास स्थित जसमढी नहर के पास पिछले कई दिनों से जेसीबी, ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपरों का तांता लगा हुआ है। खुदाई के नाम पर न केवल किसानों के खेतों में बिछाए गए सिंचाई पाइप उखाड़ फेंके गए हैं, बल्कि नहर की पटरियों पर लगे दर्जनों छोटे-छोटे शीशम और अन्य पेड़ भी जड़ से उखाड़ दिए गए हैं।
ग्रामीणों और किसानों का क्या है आरोप?
ग्रामीणों और किसानों का आरोप है कि नहर विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से यह कार्रवाई चल रही है, जिससे स्थानीय किसानों और पर्यावरण दोनों को गंभीर नुकसान हो रहा है। बरखेरिया जाट गांव के नबल किशोर ने बताया कि हमारे खेतों में सिंचाई के लिए डाले गए पाइप जेसीबी चालकों ने बेरहमी से उखाड़ फेंके। नहर की पटरियों पर सैकड़ों शीशम के पौधे थे, जो अब बेजुबान होकर सड़क किनारे पड़े हैं। ठेकेदारों ने कहा कि पेड़ जल्दी उठा लो, वरना कुचल दिए जाएंगे।
अन्य किसानों ने भी यही भी बताया कि जसमढी नहर पुल से जेबीगंज शारदा नहर पुल तक के इलाके में कोई भी पेड़-पौधा सुरक्षित नहीं बचा। खुदाई के दौरान ठेकेदारों ने न तो किसानों के हित का ध्यान रखा और न ही पर्यावरण की चिंता की। नहर की पटरियों पर लगाए गए ये पेड़, जो वर्षों से नहर की संरचना को मजबूती प्रदान कर रहे थे, अब मलबे के ढेर में तब्दील हो चुके हैं।
Lakhimpur Kheri: किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा
ग्रामीणों का आरोप है कि यह सब नहर विभाग की आंखें बंद करके किया जा रहा है। ठेकेदार बिना किसी रोक-टोक के मशीनें चला रहे हैं, जिससे स्थानीय किसान और पर्यावरण दोनों प्रभावित हो रहे हैं। वहीं जब इस मामले में नहर विभाग के जूनियर इंजीनियर सतेंद्र कुमार वर्मा से बात की गई, तो उन्होंने कहा, “बालू खुदाई का ठेका दिया जाता है, न कि पेड़ उखाड़ने का। हम जल्द ही हरदोई में मौके का निरीक्षण करेंगे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।” हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है और किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
Report By: संजय कुमार राठौर
ये भी पढ़े… ‘महिला और विवाद…’ कब-कब सवालों के घेरे में घिरे नीतीश कुमार?







