UP News: जनपद में ‘न्याय चला निर्धन से मिलने’ की भावना को साकार रूप देने के उद्देश्य से 22 फरवरी को मेगा/बृहद विधिक जागरूकता एवं सेवा शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण शिविर की तैयारियों को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला जज विवेक की अध्यक्षता में एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक एवं न्यायिक अधिकारियों ने एक स्वर में यह संकल्प दोहराया कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना ही इस पहल का मूल उद्देश्य है।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला जज विवेक ने कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को शीघ्र, सस्ता एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराना जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि यह हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है कि प्राधिकरण के उद्देश्यों को प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जाए और जरूरतमंदों तक न्याय की पहुँच सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह शिविर केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि उस सुदृढ़ व्यवस्था की नींव है जो प्रत्येक पात्र नागरिक को उसका अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, पात्र लाभार्थियों का सटीक चिन्हांकन सुनिश्चित हो तथा पंजीकरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी जाए, ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे।
जिला जज ने जानकारी दी कि इस शिविर में चिन्हित और पंजीकृत सभी लाभार्थियों को 22 फरवरी को आयोजित मेगा विधिक एवं सेवा शिविर में उनके अधिकारों से संबंधित लाभ उपलब्ध कराए जाएंगे। मेगा शिविर के दौरान नागरिकों को एक ही स्थान पर निःशुल्क कानूनी सलाह, विधिक सहायता, लोक अदालत से संबंधित जानकारी, ‘मध्यस्थता अभियान 2.0’ के बारे में जागरूकता तथा विभिन्न विभागों की सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन सभी विभागों के आपसी समन्वय और सहयोग से सफल बनाया जाएगा।
अपर जिला जज एवं नोडल अधिकारी ईश्वर सिंह ने कहा कि शिविर की पूर्व तैयारियों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मेगा शिविर के दौरान समय और संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग हो तथा अधिकतम जरूरतमंद नागरिकों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि पहले से पात्र लाभार्थियों का चिन्हांकन और पंजीकरण इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे शिविर के दिन व्यवस्था सुचारु और प्रभावी बनी रहे।
वहीं, न्यायाधीश एवं पूर्णकालिक सचिव अभिषेक कुमार व्यास ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का निरंतर प्रयास है कि कानूनी सेवाएं और सरकारी योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचें। उन्होंने कहा कि जब न्याय और योजनाओं तक पहुँच आसान होगी, तभी आम नागरिक सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस जागरूकता अभियान के माध्यम से यह संदेश स्पष्ट रूप से जाएगा कि न्याय अब केवल अदालतों की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जरूरतमंदों की चौखट तक पहुँचेगा- यही मेगा विधिक शिविर की असली भावना है।
बैठक में विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे और सभी ने अपने-अपने स्तर पर आवश्यक तैयारियाँ पूर्ण करने का आश्वासन दिया। प्रशासन एवं न्यायिक तंत्र की संयुक्त पहल से आयोजित यह मेगा विधिक जागरूकता एवं सेवा शिविर जनपद में न्याय को जन-जन तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
रिपोर्ट-मौ. अज़ीम
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