MP State Highway: मध्य प्रदेश में सड़कों पर विचरण करने वाले बेसहारा गोवंश से होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू करने जा रही है। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) ने इसका मसौदा तैयार कर शासन को भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही इसे प्रदेशभर के स्टेट हाईवे पर लागू किया जाएगा।
MP State Highway: हर 5 किलोमीटर पर बनेगी गोशाला और चबूतरा-
नई व्यवस्था के तहत राज्य राजमार्गों के किनारे हर पांच किलोमीटर के दायरे में टीन शेड युक्त गोशाला और चबूतरे बनाए जाएंगे। इसका उद्देश्य बेसहारा गोवंश को सड़क पर बैठने से रोककर सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना है।
MP State Highway: निर्माण एजेंसियों को मिलेगी संचालन की जिम्मेदारी-
नई SOP के अनुसार सड़क निर्माण करने वाली एजेंसियां ही गोशालाओं का निर्माण और संचालन सुनिश्चित करेंगी। नई सड़कों के टेंडर में इस व्यवस्था को अनिवार्य शर्त के रूप में शामिल किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन के सहयोग से एजेंसियां गोवंश को सड़क से हटाकर निर्धारित आश्रय स्थलों तक पहुंचाएंगी।
रेस्क्यू वाहन भी रहेगा तैनात-
योजना के तहत एक बड़े रेस्क्यू वाहन की भी व्यवस्था की जाएगी, जो सड़क पर बैठे बेसहारा गोवंश को सुरक्षित रूप से गोशालाओं तक पहुंचाएगा। इससे सड़क सुरक्षा बढ़ाने में मदद मिलेगी।
बारिश में बढ़ता है हादसों का खतरा-
अधिकारियों के अनुसार बारिश के दौरान सड़कें जल्दी सूख जाती हैं, जिससे बड़ी संख्या में गोवंश सड़कों पर बैठ जाता है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। नई SOP का उद्देश्य इस समस्या का स्थायी समाधान करना है।
विधानसभा में भी उठ चुका है मुद्दा-
सड़कों पर गोवंश और उससे होने वाली दुर्घटनाओं का मुद्दा विधानसभा में कई बार उठ चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर अधिकारियों ने कार्ययोजना तैयार की है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित सत्ता और विपक्ष के कई जनप्रतिनिधियों के सुझावों को भी इस योजना में शामिल किया गया है।
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