Iran News : ईरान में सत्ता के नए अध्याय की शुरुआत के बीच हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए हैं। रविवार को इजरायल ने ईरान के कई अहम इलाकों पर एक साथ हमले शुरू कर दिए। बताया जा रहा है कि हमले राजधानी तेहरान, इस्फहान और दक्षिणी ईरान के कुछ हिस्सों में किए गए। इन हमलों ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। खास बात यह रही कि यह कार्रवाई उसी समय शुरू हुई जब तेहरान के एक बड़े चौक पर हजारों लोग नए सुप्रीम लीडर के समर्थन में जमा हुए थे।
इजरायल की डिफेंस फोर्स ने हमले के तुरंत बाद एक आधिकारिक बयान जारी किया। बयान में कहा गया कि ईरान के भीतर मौजूद “आतंकी शासन के इंफ्रास्ट्रक्चर” को निशाना बनाकर बड़े स्तर पर सैन्य कार्रवाई की गई है।
Iran में नई सत्ता
सेना के अनुसार यह ऑपरेशन कई रणनीतिक ठिकानों को ध्यान में रखकर शुरू किया गया है। हालांकि ईरान की ओर से इन हमलों से हुए नुकसान या हताहतों को लेकर तत्काल कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इस पूरे घटनाक्रम के पीछे ईरान की आंतरिक राजनीति भी अहम भूमिका निभा रही है। देश के सर्वोच्च धार्मिक और राजनीतिक पद के लिए अयातुल्ला खामेनेई के निधन के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को सुप्रीम लीडर घोषित किया गया है। यह घोषणा ईरान की उस संस्था ने की जो सर्वोच्च नेता का चयन करती है। 56 वर्षीय मोजतबा लंबे समय से सार्वजनिक राजनीति से दूर रहे हैं, लेकिन माना जाता है कि सत्ता के गलियारों में उनका प्रभाव काफी मजबूत रहा है।
तेहरान में समर्थकों की भीड़
नए सुप्रीम लीडर की घोषणा के बाद तेहरान के एंगहेलाब स्क्वायर पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हजारों समर्थक वहां जमा हुए और हाथों में मोजतबा खामेनेई की तस्वीरें तथा ईरानी झंडे लिए नजर आए। समर्थकों ने इसे नेतृत्व की निरंतरता बताया, जबकि दूसरी ओर कुछ राजनीतिक हलकों में इस फैसले पर सवाल भी उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यह फैसला पारिवारिक उत्तराधिकार की तरह दिखाई देता है।
उत्तराधिकार को लेकर उठे सवाल
ईरान के भीतर कुछ राजनीतिक हस्तियों और विश्लेषकों ने इस फैसले की आलोचना की है। उनका कहना है कि जिस इस्लामिक क्रांति ने कभी राजशाही को खत्म किया था, उसी देश में अब सत्ता एक ही परिवार में जाती दिखाई दे रही है। दूसरी ओर सुरक्षा और युद्ध जैसे हालातों के कारण मोजतबा खामेनेई अभी तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। ऐसे में ईरान की राजनीति और क्षेत्रीय हालात दोनों ही आने वाले दिनों में और ज्यादा संवेदनशील बने रह सकते हैं।
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