Middle East War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान में अमेरिका और इजरायल को “निर्णायक बढ़त” मिल रही है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यह संघर्ष अब ज्यादा लंबा नहीं चल सकता और संभव है कि कुछ ही दिनों में खत्म हो जाए। ट्रंप ने हाल के सैन्य हमलों का बचाव करते हुए ईरान को चेतावनी भी दी कि वह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित करने की कोई कोशिश न करे।
9 दिन में ईरान को भारी नुकसान
मियामी में ट्रंप नेशनल डोराल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने बताया कि अमेरिका और इजरायल का संयुक्त सैन्य अभियान “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” हाल के वर्षों के सबसे बड़े सैन्य अभियानों में से एक माना जा रहा है।
ट्रंप ने कहा कि पिछले नौ दिनों के दौरान दुनिया के सबसे शक्तिशाली और जटिल सैन्य अभियानों में से कुछ को अंजाम दिया गया है। उनके अनुसार इन कार्रवाइयों के कारण ईरान की सैन्य क्षमता को बड़ा नुकसान हुआ है। इसमें उसकी नौसेना, ड्रोन से जुड़ा ढांचा और मिसाइल लॉन्च सिस्टम शामिल हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि इस अभियान के कारण ईरान की सैन्य ताकत काफी कमजोर हो गई है। उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना का बड़ा हिस्सा समुद्र में नष्ट कर दिया गया है।ट्रंप के अनुसार ईरान के लगभग 50 नौसैनिक जहाज तबाह कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें अभी जानकारी दी गई है कि कुल 51 जहाज नष्ट किए जा चुके हैं।

Middle East War: ड्रोन फैक्ट्रियों पर अमेरिका के हमले
उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे हमलों के कारण ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता में भी भारी गिरावट आई है। ट्रंप के मुताबिक अब ईरान की मिसाइल क्षमता पहले की तुलना में करीब 10 प्रतिशत या उससे भी कम रह गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि अब ईरान की उन फैक्ट्रियों को निशाना बनाया जा रहा है जहां ड्रोन बनाए जाते हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को इन स्थानों की जानकारी है और इन ठिकानों पर एक-एक करके हमले किए जा रहे हैं।
ट्रंप के मुताबिक इस पूरे सैन्य अभियान के दौरान अब तक 5,000 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया जा चुका है। इन लक्ष्यों में हथियारों के भंडार, मिसाइल लॉन्चर और उत्पादन से जुड़े केंद्र शामिल हैं।उन्होंने बताया कि इन हमलों में कई बड़े और महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने भी नष्ट किए गए हैं।
बी-2 बमवर्षकों से मिसाइल लॉन्चर तबाह
ट्रंप ने कहा कि इस अभियान में लंबी दूरी तक मार करने वाले बी-2 बमवर्षक विमानों का भी इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने बताया कि इन विमानों ने हाल ही में 2,000 पाउंड के कई बम गिराए, जिससे ईरान के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद मिसाइल लॉन्चर नष्ट हो गए। इनमें से कई लॉन्चर जमीन के काफी नीचे छिपाकर रखे गए थे।
ट्रंप ने यह भी कहा कि इस सैन्य अभियान की वजह से ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोका जा सका है। उन्होंने पहले हुए एक अभियान “ऑपरेशन मिडनाइट हैमर” का जिक्र करते हुए कहा कि अगर उस समय कार्रवाई नहीं की जाती, तो ईरान के पास परमाणु हथियार हो सकता था और वह उसे पहले ही इस्तेमाल कर चुका होता।
होर्मुज स्ट्रेट पर ट्रंप की चेतावनी
ट्रंप ने यह भी बताया कि ईरान को नागरिक उपयोग के लिए परमाणु ऊर्जा से जुड़ा एक कूटनीतिक प्रस्ताव भी दिया गया था। इस प्रस्ताव के तहत उसे हमेशा के लिए मुफ्त परमाणु ईंधन उपलब्ध कराने की बात कही गई थी, लेकिन ईरान ने इस प्रस्ताव को भी स्वीकार नहीं किया।
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि वह होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही में किसी तरह की बाधा डालने की कोशिश न करे। यह समुद्री रास्ता दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट सुरक्षित रहेगा। अगर ईरान ने यहां जहाजों की आवाजाही में बाधा डालने की कोशिश की, तो उसे और कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
तेल टैंकरों को देगा जोखिम बीमा
ट्रंप ने यह भी घोषणा की कि अमेरिका खाड़ी क्षेत्र से गुजरने वाले वाणिज्यिक तेल टैंकरों को पॉलिटिकल रिस्क इंश्योरेंस उपलब्ध कराएगा, ताकि इस क्षेत्र में व्यापार और तेल आपूर्ति प्रभावित न हो।
जब पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि यह सैन्य संघर्ष कितने समय तक चल सकता है, तो उन्होंने कहा कि यह ज्यादा लंबा नहीं चलेगा। उनके अनुसार संभव है कि कुछ ही दिनों में यह अभियान समाप्त हो जाए।
ट्रंप ने यह भी बताया कि उनकी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ फोन पर बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि इस बातचीत में यूक्रेन और मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की गई।
Middle East War: ईरान-इजरायल तनाव से बढ़ा सैन्य संघर्ष
पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि इस संघर्ष से जुड़े घटनाक्रम में अमेरिका के आठ सैनिकों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि शहीद सैनिकों के परिवारों ने उनसे इस अभियान को जारी रखने की अपील की है।
अमेरिका ने ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर हमले उस समय शुरू किए, जब ईरान और इजरायल के बीच तनाव तेजी से बढ़ गया था। वाशिंगटन का कहना है कि यह स्थिति क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए खतरा बनती जा रही थी।
ईरान और ओमान के बीच स्थित होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है। दुनिया में इस्तेमाल होने वाले कुल तेल का लगभग पांचवां हिस्सा इसी संकरे समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है। यही कारण है कि इस क्षेत्र में किसी भी तरह की रुकावट अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए बड़ी चिंता पैदा कर सकती है।







