West Bengal Election: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इन दिनों पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं। उनका यह दौरा आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा के लिए किया जा रहा है। मंगलवार को वे हावड़ा स्थित बेलूर मठ पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल में बिना किसी दबाव, डर या हिंसा के सफलतापूर्वक चुनाव कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बेलूर मठ से निष्पक्ष चुनाव संदेश
पत्रकारों से बातचीत करते हुए ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बेलूर मठ पूज्यनीय रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद की तपोभूमि है। ऐसे पवित्र स्थान पर आकर चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल के सभी मतदाताओं को यह भरोसा दिलाना चाहता है कि राज्य में चुनाव पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से कराए जाएंगे। उन्होंने दोहराया कि आयोग का लक्ष्य है कि किसी भी मतदाता पर किसी प्रकार का दबाव न पड़े और चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न हों।
West Bengal Election: दक्षिणेश्वर मंदिर पर काले झंडों से विरोध
इससे पहले जब ज्ञानेश कुमार दक्षिणेश्वर काली मंदिर जाने वाले थे, तब तृणमूल कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता मंदिर के प्रवेश द्वार पर काले झंडे लेकर इकट्ठा हो गए थे। इस घटना को उनके दौरे के दौरान एक विरोध के रूप में देखा गया।
एक दिन पहले, 9 मार्च को, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की थी। इस बैठक में चुनाव से जुड़ी व्यवस्थाओं और सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई।
राष्ट्रीय और राज्य दलों से चर्चा
समीक्षा बैठक के दौरान चुनाव आयोग ने कई मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी बातचीत की। इनमें आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और नेशनल पीपुल्स पार्टी शामिल थे। इसके अलावा आयोग ने मान्यता प्राप्त राज्य स्तरीय दलों, जैसे अखिल भारतीय फॉरवर्ड ब्लॉक और अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की और उनके सुझाव लिए।
बैठक में अधिकांश राजनीतिक दलों ने पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे व्यापक एसआईआर (SIR) की सराहना की। उन्होंने चुनाव आयोग पर भरोसा जताते हुए कहा कि आयोग निष्पक्ष चुनाव कराने में सक्षम है। साथ ही दलों ने यह भी अनुरोध किया कि चुनाव के दौरान मतदाताओं को डराने-धमकाने या किसी प्रकार की आक्रामकता को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
मतदाता सुरक्षा और CAPF तैनाती मांग
राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग से यह भी मांग की कि चुनाव के समय हर मतदाता की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इसके लिए बड़ी संख्या में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की तैनाती करने का सुझाव भी दिया गया, ताकि किसी प्रकार की हिंसा या गड़बड़ी को रोका जा सके।
इसके अलावा कुछ दलों ने चिंता जताई कि चुनाव के दौरान कुछ समूह कच्चे बम, अवैध हथियार, पैसे और बाहुबल का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए उन्होंने चुनाव आयोग से ऐसी गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखने और आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की, ताकि चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सकें।







