T20 World Cup Trophy: भारतीय क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक T20 विश्व कप जीत का जश्न अभी थमा भी नहीं था कि अब इस पर ‘धार्मिक और सियासी’ रंग चढ़ने लगा है। अहमदाबाद के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में ट्रॉफी ले जाने को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
T20 World Cup Trophy: क्या है पूरा मामला?
हाल ही में टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव, मुख्य कोच गौतम गंभीर और ICC के नवनियुक्त चेयरमैन जय शाह अहमदाबाद स्थित हनुमान मंदिर पहुंचे थे। उन्होंने वहां न केवल पूजा-अर्चना की, बल्कि विश्व कप की ट्रॉफी को भी भगवान के चरणों में रखा। सोशल मीडिया पर इस पल का वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसे प्रशंसकों ने खूब सराहा।
T20 World Cup Trophy: क्या मस्जिद-चर्च भी जाएगी ट्रॉफी?
TMC सांसद कीर्ति आजाद ने इस कदम पर सवाल खड़े करते हुए एक नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने सोशल मीडिया और बयानों के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि यह ट्रॉफी किसी एक धर्म की नहीं, बल्कि भारत के 140 करोड़ नागरिकों की है, जिनमें हर धर्म के लोग शामिल हैं। उन्होंने पूछा है कि क्या कप्तान और कोच इस ट्रॉफी को लेकर अब मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारे भी जाएंगे? आगे उन्होंने जोर देकर कहा कि खेल की जीत पूरे देश की होती है, इसलिए इसके जश्न का स्वरूप भी समावेशी होना चाहिए।
“यह ट्रॉफी 1.4 अरब भारतीयों की है। यह किसी एक विशेष धर्म की जीत का प्रतीक नहीं है।” — कीर्ति आजाद (TMC सांसद)
सोशल मीडिया पर बंटी राय
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कीर्ति आजाद के इस बयान के बाद इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है। जहां एक पक्ष इसे खिलाड़ियों की निजी आस्था और श्रद्धा का विषय बता रहा है, वहीं दूसरा पक्ष आजाद की इस बात से इत्तेफाक रख रहा है कि राष्ट्रीय गौरव के प्रतीकों को सभी धर्मों के साथ साझा किया जाना चाहिए। फिलहाल, इस विवाद पर न तो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और न ही खिलाड़ियों की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी आई है।
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