Ladakh Army Camels: लद्दाख देश का सबसे दुर्गम और ठंडा इलाका माना जाता है, जहां सर्दियों में तापमान -30°C से भी नीचे चला जाता है। यहां ऑक्सीजन की कमी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद भारतीय सेना सीमाओं की निगरानी करती है। इस चुनौतीपूर्ण काम में सेना का साथ देते हैं दो कूबड़ वाले खास ऊंट, जिन्हें बैक्ट्रियन ऊंट कहा जाता है।
कहां पाए जाते हैं ये ऊंट
ये ऊंट नुब्रा घाटी के हुंडर गांव में पाए जाते हैं। भारत के अलावा ये मंगोलिया, चीन, कजाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे ठंडे रेगिस्तानी इलाकों में भी मिलते हैं।
Ladakh Army Camels: क्यों खास हैं बैक्ट्रियन ऊंट
- ये -40°C तक के तापमान में भी जीवित रह सकते हैं
- कम ऑक्सीजन में आसानी से सांस लेते हैं
- बर्फीले और पथरीले रास्तों पर संतुलन बनाए रखते हैं
- 150 से 200 किलो तक वजन ढो सकते हैं
- 15,000 से 18,000 फीट ऊंचाई तक चढ़ सकते हैं

Ladakh Army Camels: सेना के लिए क्यों जरूरी
इन ऊंटों की मदद से भारतीय सेना कठिन इलाकों में पेट्रोलिंग करती है और जरूरी सामान भी एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाती है। जहां मशीनें और वाहन फेल हो जाते हैं, वहां ये ऊंट सेना के लिए भरोसेमंद साथी साबित होते हैं।
यह भी पढे़ : महिला आरक्षण बिल पर PM मोदी का राष्ट्र को संबोधन: ‘नारी शक्ति से माफी’, विपक्ष पर तीखा हमला








