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ईरान युद्ध से लौटे भारतीय नाविकों का दर्द: ‘मिसाइलों के बीच फंसे थे, घर लौटने की उम्मीद छोड़ दी थी’

Indian Sailors Rescue:

Indian Sailors Rescue: युद्धग्रस्त ईरान से लौटे भारतीय नाविकों ने खौफनाक हालात बयां किए हैं। उनका कहना है कि चारों ओर मिसाइल हमले हो रहे थे और उन्हें जहाज छोड़ने की अनुमति भी नहीं मिल रही थी। उत्तर प्रदेश के नाविक मनन सिंह चौहान ने बताया कि हालात इतने खराब थे कि उन्होंने घर लौटने की उम्मीद तक छोड़ दी थी।

‘ईद के दिन 70-80 मिसाइलें गिरीं’

चौहान ने बताया कि ईद के दिन उनके आसपास दर्जनों मिसाइलें गिरीं और जहाज तक हिलने लगा। उन्होंने कहा कि हर पल ऐसा लगता था कि शायद अब बचना मुश्किल है, लेकिन परिवार के आशीर्वाद से वे सुरक्षित लौट पाए।

Indian Sailors Rescue: खतरनाक सफर कर भारत पहुंचे नाविक

नाविकों को खुर्रमशहर से बंदर अब्बास, फिर बुशेहर और जोल्फा होते हुए आर्मेनिया के रास्ते भारत लौटना पड़ा। हवाई मार्ग बंद होने के कारण उन्हें लंबा और जोखिम भरा सफर तय करना पड़ा।

Indian Sailors Rescue: एजेंटों पर धोखाधड़ी के आरोप

नाविकों ने आरोप लगाया कि उन्हें दुबई भेजने का वादा किया गया था, लेकिन उन्हें ईरान भेज दिया गया। वेतन का बड़ा हिस्सा भी घर लौटने में खर्च हो गया, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई।

 अभी भी सैकड़ों भारतीय फंसे, मदद की अपील

नाविकों के अनुसार अभी भी कई भारतीय वहां फंसे हुए हैं और उन्हें मदद नहीं मिल रही है। Forward Seamen Union of India के महासचिव मनोज कुमार यादव ने कहा कि हजारों नाविक अब भी युद्ध क्षेत्र में फंसे हैं।

 ‘सीजफायर का भी नहीं मिला फायदा’

नाविकों ने कहा कि भले ही युद्धविराम की बात हो रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अभी भी बेहद कठिन हैं। खाने और रहने जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे नाविकों ने सरकार से तत्काल मदद की मांग की है।

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