Bengal: कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी के भीतर घमासान तेज हो गया है। पार्टी से निलंबित नेता रिजू दत्ता ने तृणमूल कांग्रेस और चुनावी रणनीतिकार संस्था आई-पैक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कई बड़े खुलासे किए हैं। उन्होंने दावा किया कि पार्टी की हार की मुख्य वजह आई-पैक का बढ़ता दखल, टिकट वितरण में कथित पैसों का खेल और स्थानीय मुद्दों की अनदेखी रही। रिजू दत्ता के आरोपों ने बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
आई-पैक पर पार्टी चलाने का आरोप
रिजू दत्ता ने आरोप लगाया कि पिछले छह महीनों से तृणमूल कांग्रेस का संचालन पार्टी नेताओं के बजाय आई-पैक के लोग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एजेंसी के सदस्य लगातार नेताओं और कार्यकर्ताओं को संदेश भेजकर भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी और उनके पिता के खिलाफ अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने के लिए उकसाते थे। दत्ता के मुताबिक, इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी पैदा हुई और संगठन कमजोर होता चला गया। उन्होंने कहा कि फैसले स्थानीय नेतृत्व के बजाय बाहरी एजेंसी के प्रभाव में लिए जा रहे थे।
Bengal: टिकट वितरण में पैसों के खेल का दावा
निलंबित नेता ने टिकट वितरण को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने के लिए उनसे 50 लाख रुपये की मांग की गई थी। रिजू दत्ता ने दावा किया कि एक व्यक्ति ने फोन कर स्पष्ट कहा कि टिकट चाहिए तो बड़ी रकम देनी होगी। उन्होंने कहा कि डर के कारण वह यह बात पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक नहीं पहुंचा सके। दत्ता के अनुसार, टिकट बेचने की संस्कृति के चलते पुराने और समर्पित कार्यकर्ता हाशिए पर चले गए, जिससे पार्टी की जमीनी पकड़ कमजोर हुई।
हार की तीन बड़ी वजहें गिनाईं
रिजू दत्ता ने तृणमूल कांग्रेस की हार के पीछे तीन मुख्य कारण बताए। उन्होंने कहा कि पहला कारण आई-पैक का अत्यधिक हस्तक्षेप था, दूसरा टिकट वितरण में कथित भ्रष्टाचार और तीसरा स्थानीय मुद्दों की अनदेखी। उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा पार्टी से टूट चुका था और लोग बदलाव चाहते थे। दत्ता ने दावा किया कि वोट प्रतिशत देखने में भले ज्यादा लगे, लेकिन जनता का समर्थन पहले जैसा नहीं रहा।
Bengal: ममता और अभिषेक पर भी साधा निशाना
रिजू दत्ता ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनावी हार की जिम्मेदारी दोनों नेताओं को लेनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आई-पैक कार्यालय पर छापेमारी के दौरान पार्टी नेतृत्व डेटा बचाने में ज्यादा सक्रिय दिखाई दिया। दत्ता ने यह भी कहा कि मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है और आने वाले समय में राजनीतिक हालात और बदल सकते हैं। तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन रिजू दत्ता के बयान ने बंगाल की राजनीति में हलचल जरूर बढ़ा दी है।








