US Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका अगले हफ्ते ईरान पर दोबारा सैन्य कार्रवाई कर सकता है। पेंटागन ने हमले के कई विकल्प तैयार कर लिए हैं और अब अंतिम फैसला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को लेना है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई को और बढ़ाने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
इस्फहान परमाणु साइट पर जमीनी ऑपरेशन का भी विकल्प
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, हमले की योजना में ईरान के सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर बड़े हवाई हमले शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि एक विकल्प अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशन फोर्सेज को जमीन पर उतारकर इस्फहान परमाणु केंद्र तक पहुंचने का भी है, जहां कथित तौर पर एनरिच्ड यूरेनियम रखा गया है। हालांकि अधिकारियों ने माना कि ऐसा ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा हो सकता है और इसमें भारी सैन्य नुकसान की आशंका है।
US Iran Conflict: मिडिल ईस्ट में 50 हजार अमेरिकी सैनिक तैनात
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने मध्य-पूर्व में 50 हजार से ज्यादा सैनिक तैनात कर रखे हैं। क्षेत्र में दो एयरक्राफ्ट कैरियर, एक दर्जन से ज्यादा नेवी डेस्ट्रॉयर और बड़ी संख्या में लड़ाकू विमान मौजूद हैं। इसके अलावा 5 हजार मरीन और 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के करीब 2 हजार पैराट्रूपर्स को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।
US Iran Conflict: ट्रम्प और जिनपिंग ने युद्ध खत्म करने पर जताई सहमति
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच ईरान युद्ध को लेकर बातचीत हुई।दोनों नेताओं ने माना कि मौजूदा संघर्ष खत्म होना चाहिए और होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुला रहना जरूरी है। हालांकि चीन ने युद्ध खत्म कराने में किसी बड़ी भूमिका के संकेत नहीं दिए।
BRICS देशों में नहीं बनी एक राय
नई दिल्ली में हुई BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में भी ईरान मुद्दे पर सदस्य देशों के बीच मतभेद सामने आए।साझा बयान में कहा गया कि युद्ध को लेकर सभी देशों की राय अलग-अलग है और किसी एक साझा रणनीति पर सहमति नहीं बन सकी।
चीन ने बातचीत से समाधान की अपील की
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि होर्मुज संकट का समाधान केवल युद्धविराम और बातचीत से ही निकल सकता है। उन्होंने कहा कि ताकत नहीं, बल्कि कूटनीति ही सही रास्ता है।
जर्मनी ने ईरान से तुरंत बातचीत शुरू करने को कहा
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्त्ज ने ईरान से तुरंत बातचीत शुरू करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती और होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखा जाना चाहिए।
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के लिए नया सिस्टम बनाया
ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए नया सिस्टम तैयार किया गया है। इसके तहत केवल तय मार्ग से गुजरने वाले और ईरान के साथ सहयोग करने वाले जहाजों को ही आवाजाही की अनुमति मिलेगी।
UAE और ओमान को ईरान की चेतावनी
ईरानी सुप्रीम लीडर के सलाहकार मोहम्मद मोखबर ने UAE और ओमान को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान ने अब तक संयम बरता है, लेकिन यह हमेशा जारी नहीं रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन देशों ने अपनी जमीन ईरान के दुश्मनों के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराई है।
ईरान ने मानी आर्थिक समस्याएं
ईरान के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता अली जैनिवंद ने माना कि देश में महंगाई तेजी से बढ़ी है और इसके पीछे केवल युद्ध नहीं, बल्कि घरेलू आर्थिक कमजोरियां भी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में कीमतों को नियंत्रित किया जा सकता है और सरकार इस दिशा में काम कर रही है।
संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव पर ईरान की चेतावनी
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के मिशन ने चेतावनी दी है कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका समर्थित प्रस्ताव का समर्थन करने वाले देशों को भी किसी नए सैन्य तनाव के लिए जिम्मेदार माना जाएगा। ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय समर्थन का दिखावा कर दुनिया के सामने गलत तस्वीर पेश करने की कोशिश कर रहा है।
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