Twisha Death Case: मध्य प्रदेश सरकार ने ट्विशा मामले से जुड़े विवाद में घिरी जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग, भोपाल-2 की अध्यक्ष गिरिबाला सिंह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने आयोग के रजिस्ट्रार को पत्र भेजकर नियमों के तहत गिरिबाला सिंह को पद से हटाने की प्रक्रिया से जुड़ा जांच प्रतिवेदन मांगा है।
नियमों के तहत मांगी गई रिपोर्ट
विभाग ने रजिस्ट्रार को निर्देश दिया है कि उपभोक्ता संरक्षण (राज्य आयोग और जिला आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति, योग्यता, भर्ती प्रक्रिया, कार्यकाल, इस्तीफा और हटाने संबंधी) नियम 2020 के उपनियम 9(2) के तहत कार्रवाई करते हुए जल्द से जल्द रिपोर्ट भेजी जाए।
पत्र में भोपाल के थाना कटारा हिल्स में दर्ज केस का भी उल्लेख किया गया है। इस मामले में गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2), 65(3)(5) और दहेज प्रतिबंध अधिनियम के तहत मामला दर्ज है।

Twisha Death Case: परिवार की मांग और कार्रवाई तेज
सूत्रों के अनुसार, पीड़ित परिवार पहले ही गिरिबाला सिंह को पद से हटाने की मांग कर चुका है। इसी आपराधिक मामले के आधार पर सरकार ने अब उन्हें पद से हटाने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही इस पर ठोस निर्णय ले सकती है।
ट्विशा मामला पिछले कई दिनों से भोपाल में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस प्रकरण ने उपभोक्ता आयोग जैसे महत्वपूर्ण न्यायिक संस्थान की गरिमा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग के पत्र में स्पष्ट रूप से आपराधिक केस का हवाला देकर नियमों के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच के बाद हो सकता है बड़ा फैसला
अगर जांच रिपोर्ट में आरोपों को गंभीर या उचित पाया जाता है, तो गिरिबाला सिंह को पद से हटाया जा सकता है। सरकार इस पूरे मामले में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने पर जोर दे रही है।
मध्य प्रदेश सरकार उपभोक्ता आयोगों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठा रही है। इस मामले में अंतिम फैसला जल्द आने की संभावना जताई जा रही है।








