Assam News: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर राज्य के विकास, निवेश और भविष्य की आर्थिक योजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की। इस बैठक में असम के बुनियादी ढांचे के विस्तार, औद्योगिक निवेश और विकास परियोजनाओं को गति देने पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने पिछले पांच वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया।
विकास योजनाओं पर हुई अहम चर्चा
नई दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने असम की विकास यात्रा और आने वाले वर्षों की प्राथमिकताओं को केंद्रीय वित्त मंत्री के सामने रखा। उन्होंने कहा कि राज्य को केंद्र सरकार से लगातार मिल रहा सहयोग विकास की गति को मजबूत कर रहा है। मुख्यमंत्री ने सामाजिक माध्यम पर भी जानकारी साझा करते हुए कहा कि बैठक में असम के भविष्य के विकास रोडमैप और आर्थिक मजबूती पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान मुख्य सचिव डॉ. रवि कोटा और अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. केके द्विवेदी भी मौजूद रहे।
Assam News: बुनियादी ढांचे और निवेश पर जोर
सूत्रों के अनुसार बैठक में सड़कों, रेलवे, स्वास्थ्य, शिक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की गई। साथ ही नए निवेश और उद्योगों को आकर्षित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। राज्य सरकार असम को पूर्वोत्तर भारत का बड़ा आर्थिक केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसके तहत कनेक्टिविटी, हरित ऊर्जा, पर्यटन और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है। बैठक में वित्तीय सहायता और आगामी विकास परियोजनाओं को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय और मजबूत होगा।
आर्थिक बदलाव की दिशा में असम का प्रयास
असम सरकार लगातार व्यापार करने में सुगमता बढ़ाने और निजी निवेश आकर्षित करने पर काम कर रही है। राज्य में बड़े पैमाने पर आधारभूत संरचना परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का लक्ष्य दीर्घकालिक आर्थिक बदलाव और सतत विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी कहा कि असम आने वाले वर्षों में पूर्वोत्तर क्षेत्र की आर्थिक शक्ति के रूप में उभर सकता है। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, यह बैठक राज्य और केंद्र सरकार के बीच बेहतर सहयोग और विकास योजनाओं को तेजी से लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।








