Twisha Case: ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने खुद से संज्ञान लिया है। इस केस पर आज सुनवाई के बाद अहम फैसला आने की संभावना है। मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।
भोपाल AIIMS में दूसरा पोस्टमार्टम
रविवार को भोपाल एम्स में ट्विशा शर्मा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम किया गया। यह पोस्टमार्टम दिल्ली एम्स से आई डॉक्टरों की विशेष टीम ने किया। इसके बाद शव को भोपाल के भदभदा विश्राम घाट में अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चाहे यह मामला दबाव में की गई आत्महत्या का हो या किसी अन-नेचुरल डेथ का, हर स्थिति में निष्पक्ष जांच जरूरी है। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस समय किसी भी तरह की अटकलों और अफवाहों को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।

मीडिया से अपील: बयान जांच एजेंसी के सामने दें
कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि जो भी पक्ष अपनी बात रखना चाहते हैं, वे मीडिया के बजाय जांच एजेंसी के सामने रखें। अदालत ने कहा कि मीडिया ट्रायल से बचना चाहिए, क्योंकि इससे जांच प्रभावित हो सकती है।
पीड़ित पक्ष के वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने FIR दर्ज होने में देरी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि CBI द्वारा औपचारिक रूप से जांच अपने हाथ में लेने से पहले कुछ जरूरी मुद्दों को स्पष्ट करना होगा।
Twisha Case: CBI जांच पर भरोसा रखने की सलाह
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस तरह के मामलों में जांच एजेंसी पर भरोसा रखना जरूरी है। मुख्य न्यायाधीश ने सभी पक्षों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अटकलें न लगाएं और जांच को सही दिशा में आगे बढ़ने दें।
मुख्य न्यायाधीश ने मीडिया से कहा कि वे मृतका के परिवार, दोस्तों या रिश्तेदारों से बयान न लें। कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी भी तरह की संवेदनशील स्थिति में परिवार के दुख को और बढ़ाने से बचना चाहिए।
समर्थ सिंह के वकील ने केस से हटने का फैसला लिया
ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह के वकील मृगेंद्र सिंह ने केस लड़ने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने समर्थ को सरेंडर करने की सलाह दी थी, जिसके बाद समर्थ ने सरेंडर कर दिया। लेकिन इसके बाद परिवार उनसे नाराज हो गया, जिसके चलते उन्होंने केस से दूरी बना ली।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आरोप लगाया है कि ट्विशा की सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं। उन्होंने बयान दर्ज कराने में भी अनिच्छा दिखाई है।
सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी और टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे मामले को दुखद बताया। कोर्ट ने यह भी नाराजगी जताई कि कुछ लोगों के इंटरव्यू लिए जा रहे हैं, जबकि जांच अभी जारी है। अदालत ने साफ कहा कि ऐसे मामलों में अनुशासन और संवेदनशीलता जरूरी है।
ट्विशा शर्मा केस में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि जांच निष्पक्ष और बिना किसी दबाव के होनी चाहिए। साथ ही मीडिया और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की गई है ताकि सच सामने आ सके।








