Women Players: आजकल चर्चा में भारतीय पहलवान विनेश फोगट है; ऐसी खिलाड़ी जिसने भारत का नाम एशाई गेम्स से लेकर अेालम्पिक खेलों में अपना करिश्मा दिखाया। यह सब होते हुए भी उसके साथ स्वयं फोगट को प्रशिक्षित करने वाले प्रशिक्षक उसके घोर विरोधी बन गये। ऐसा तो कम ही होता है कि खिलाड़ी प्रशिक्षक से नाराज रहता हो, पर इस दौर में फोगट के साथ, जो हुआ वह सिर्फ उसी के साथ नहीं हुआ है; बहुत सारे खिलाड़ियों की आप बीती है, जहां प्रशिक्षक खिलाड़ी की योग्यता को पीछे कर, उसके साथ गलत बर्ताव करते पाये गये। लेकिन फोगट एक ऐसी खिलाड़ी निकली जिसने गुरु के अन्याय को जनता के सामने रखा।
फोगट की सफलता
फोगट का जन्म 25 अगस्त 1994 का है। वह हरियाणा के चरखी दादरी जिले से आती हैं। फोगट एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान है। राष्ट्रमंडल खेलों में तीन स्वर्ण पदक जीतने वाली फोगट पहली भारतीय महिला पहलवान भी है। इसने वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में दो पदक जीते हैं। आज वह हरियाणा के जुलाना विधानसभा से विधायक है। फोगट के गुरु की फोगट से अन्य व्यक्तिगत अपेक्षाएं भी रही हैं, जिसे उसने स्वीकारा भी। क्योंकि ऐसा व्यवहार वह अपने प्रशिक्षक से नहीं चाहती थीं, लेकिन मजबूरी थी खेल में बने रहने के लिये। ऐसी ही बहुत कुछ एक महिला की ही नहीं, बहुत सारी महिला खिलाड़ियों की शिकायत रही हैं कि संस्थान में हर महिला के साथ अवसर को दबाने का खेल प्रशिक्षण शिविर में चलता था, या अपने मनपसंद खिलाड़ी को ही आगे बढ़ने की तरजीह दी जाती रही, इस तरजीह के साथ गुरु की शारीरिक संबंध बनाने की इच्छा सामने आती थी। फोगट ने इसका विरोध किया।
इसके कारण उसको खेलने के अवसर कम देने की चालें चली गईं। इसका खामियाजा उसे भुगतना भी पड़ा और भी महिला खिलाड़ियों ने जंतरमंतर में बैठकर विरोध किया। इस कारण ब्रजभूषण सिंह को 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने प्रत्याशी न बनाने का फैसला लिया। लेकिन उसकी जगह पुत्र को लोकसभा के चुनाव में उतारा। फोगट को भी रेस्टलिंग से अपनी विदाई का अहसास हुआ, इस कारण उसने हरियाणा के विधानसभा चुनाव में कूदना ही उचित समझा। खेलों में फोगट के उच्च स्तरीय परिणामों से देश तो वाकिफ था ही, साथ ही उसका जिला और प्रदेश की जनता, उसकी काबिलियत को बरकरार रखने के लिए उसे विधानसभा में पहुंचा गई।
Women Players: फोगट का कैरियर
2019 और 2022 में 53 किलो भार में वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक लिये। राष्ट्रमंडल खेलों में 2014, 2018 और 2022 में 48, 50 और 53 किलो भार में स्वर्णपदक भारत के लिए जीते। और एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप के 2013, 2015 और 2016 में 51, 48 और 53 किलो में कांस्य, रजत और कांस्य पदक हासिल किए। 2013 की राष्ट्रमंडल कुश्ती चैंपियनशिप में 51 किलो भार में रजत पदक हासिल किया। भारत सरकार ने फोगट के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उसे अर्जुन पुरस्कार से सम्मनित किया। आज भी फोगट को हाईकोर्ट से अपने आने वाले खेलों में भाग लेने के लिए गुहार लगानी पड़ी। कोर्ट ने प्रशिक्षण में भाग लेने की अनुमति दे दी है।
विनेश फोगट जैसी बहुत सारी महिला खिलाड़ी देश में है सिर्फ उन्हें मौका मिलने की देरी है। यहां पर भी पुरुष प्रधान समाज ने उनके आगे आने वाले अवसरों के पर काटने में अपनी कोई चाल नहीं छोड़ी। समाज के उस वर्ग को आगे आना होगा, जो महिलाओं को बराबर का अवसर देने की हिमायत करता है।
लेखक: भगवती प्रसाद डोभाल
ये भी पढ़े… ट्रंप की नजर अब समुद्री खजाने पर!







