Cow controversy: महाराष्ट्र में गाय को लेकर एक बार फिर बड़ी बहस छिड़ गई है। महाराष्ट्र अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने दावा किया है कि राज्य के 50 से ज्यादा मुफ्तियों, मदरसों और मुस्लिम संगठनों ने केंद्र सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की है। इसके साथ ही गाय की तस्करी और हत्या करने वालों के खिलाफ फांसी जैसी कठोर सजा लागू करने की भी मांग उठाई गई है।
50 से ज्यादा चिट्ठियां मिलने का दावा
प्यारे खान के मुताबिक महाराष्ट्र अल्पसंख्यक आयोग को अलग-अलग मदरसों, मुफ्तियों और मौलानाओं की तरफ से कई पत्र मिले हैं। इन चिट्ठियों में कहा गया है कि जिस तरह बाबरी मस्जिद विवाद का समाधान सुप्रीम कोर्ट के जरिए हुआ, उसी तरह गाय से जुड़े विवाद को भी स्थायी तौर पर खत्म किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर दिया जाए और इसके खिलाफ अपराधों पर सख्त कानून बना दिया जाए, तो तस्करी और अवैध हत्या जैसी घटनाओं पर रोक लग सकती है।
Cow controversy: “मुस्लिम समाज इस मुद्दे को खत्म करना चाहता है”
प्यारे खान ने कहा कि बड़ी संख्या में मुस्लिम संगठनों द्वारा इस तरह की मांग उठाना यह दिखाता है कि मुस्लिम समाज भी इस विवाद को खत्म करना चाहता है। उनका कहना है कि बाबरी मस्जिद मामला सुलझने के बाद अब देश में मंदिर-मस्जिद की बहस कम हो गई है और लोग विकास के मुद्दों पर बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब गाय के मुद्दे का भी स्थायी समाधान निकलना चाहिए ताकि देश आगे बढ़ सके।
Cow controversy: प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को लिखा जाएगा पत्र
अल्पसंख्यक आयोग की तरफ से जल्द ही प्रधानमंत्री, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और राज्य के अल्पसंख्यक मंत्री को पत्र भेजा जाएगा। इसमें गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने और कड़े कानून लागू करने की मांग रखी जाएगी। प्यारे खान ने कहा कि महाराष्ट्र में पहले ही गाय को “राज्यमाता” का दर्जा दिया जा चुका है। अब इसी तर्ज पर पूरे देश में इसे राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की जा रही है।
फांसी की सजा की भी मांग
उन्होंने कहा कि अगर गाय की हत्या, तस्करी और अवैध कारोबार करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो, यहां तक कि फांसी की सजा का प्रावधान हो, तो यह मुद्दा अपने आप खत्म हो जाएगा। साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र में संगठित अपराध के खिलाफ इस्तेमाल होने वाले मकोका कानून का भी जिक्र किया और कहा कि गाय तस्करी से जुड़े नेटवर्क पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
“गाय राष्ट्रीय पशु बनी तो मुस्लिम समाज मिठाइयां बांटेगा”
Cow controversy: प्यारे खान ने दावा किया कि कई मुस्लिम संगठन मानते हैं कि अगर सरकार गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर देती है, तो इससे लंबे समय से चल रहा विवाद खत्म हो सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर मुस्लिम समाज खुशी जाहिर करेगा और मिठाइयां भी बांटेगा।
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