Khan vs Roshan: राजधानी पटना के कोचिंग हब में इन दिनों छिड़े ‘कोचिंग वॉर’ के बीच ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद सुर्खियों में हैं। खान ग्लोबल स्टडीज पर हुए कथित हमले और तोड़फोड़ मामले में पुलिस ने रौशन आनंद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है, जबकि पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
किसान परिवार से निकलकर बनाई पहचान
रौशन आनंद का जन्म बिहार के सहरसा जिले के धामसेना गांव के एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने सरकारी स्कूल से पढ़ाई की और बेहतर भविष्य की तलाश में महज 15 वर्ष की उम्र में घर छोड़ दिया। वे पढ़ाई के लिए पहले पटना और फिर राजस्थान के कोटा पहुंचे।
Khan vs Roshan: आर्थिक संकट के कारण छोड़नी पड़ी इंजीनियरिंग
मेहनत के दम पर रौशन ने प्रतिष्ठित बीआईटी मेसरा में प्रवेश हासिल किया, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी नहीं कर सके। इसके बाद उन्होंने बिहार पुलिस, बीपीएससी और यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की, लेकिन अंतिम सफलता उनसे दूर रही।
Khan vs Roshan: खाने के बदले पढ़ाया, फिर शुरू की कोचिंग
संघर्ष के दौर में रौशन आनंद ने छात्रों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया। कई बार उन्हें फीस के रूप में नकदी की जगह भोजन स्वीकार करना पड़ता था। इसी दौरान उन्हें अपनी शिक्षण क्षमता का एहसास हुआ और उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का फैसला किया।
चार छात्रों से शुरू हुई ‘ज्ञान बिंदु’ की यात्रा
1 सितंबर 2017 को रौशन आनंद ने ‘ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी’ की स्थापना की। शुरुआत में उनकी कक्षा में केवल चार छात्र थे, लेकिन उनकी सरल और जमीनी शिक्षण शैली ने छात्रों के बीच तेजी से लोकप्रियता हासिल की। समय के साथ ज्ञान बिंदु बिहार पुलिस, एसएससी, रेलवे और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले प्रमुख संस्थानों में शामिल हो गया।
Roshan Anand & khan sir: अब कानूनी विवाद में घिरे
खान ग्लोबल स्टडीज के बाहर हुई मारपीट और तोड़फोड़ की घटना के बाद रौशन आनंद का नाम विवादों में आ गया है। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और मामले से जुड़े सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। इस घटनाक्रम ने पटना के कोचिंग जगत में नई बहस छेड़ दी है।
जांच जारी
पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल रौशन आनंद की गिरफ्तारी और उनके संघर्षपूर्ण जीवन की कहानी दोनों ही चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
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