MP NEWS: मध्य प्रदेश में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने ऐसा बयान दिया है, जिससे राज्यसभा चुनाव में भाजपा के तीसरे उम्मीदवार को उतारने की अटकलें तेज हो गई हैं। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने का निर्णय लेता है, तो भाजपा उसकी जीत भी सुनिश्चित करेगी। भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को मैदान में उतारा है।
उम्मीदवारों के चयन पर जताया नेतृत्व का आभार
इंदौर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा नेतृत्व ने दो उत्कृष्ट उम्मीदवारों का चयन किया है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने लंबे समय तक संगठन के लिए पर्दे के पीछे रहकर काम किया है और उनका नामांकन उनके योगदान का सम्मान है।
MP NEWS: तीसरे उम्मीदवार को लेकर बढ़ी चर्चा
विजयवर्गीय ने कहा, “दोनों उम्मीदवार निश्चित रूप से जीतेंगे, लेकिन यदि पार्टी तीसरे उम्मीदवार को उतारने का फैसला करती है, तो हम उसकी जीत भी सुनिश्चित करेंगे।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नए समीकरणों की चर्चा शुरू हो गई है।
क्या कहता है विधानसभा का गणित?
230 सदस्यीय मध्य प्रदेश विधानसभा में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होती है। भाजपा के पास 165 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस की प्रभावी संख्या 62 है। वर्तमान गणित के अनुसार भाजपा दो और कांग्रेस एक सीट जीतती दिखाई दे रही है, लेकिन भाजपा के पास अतिरिक्त वोट मौजूद हैं, जो तीसरे उम्मीदवार के लिए रणनीतिक भूमिका निभा सकते हैं।
MP NEWS: कांग्रेस के लिए चुनौती बन सकते हैं अतिरिक्त वोट
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि कांग्रेस के कुछ विधायक मतदान से दूर रहते हैं या उनके वोट किसी कारणवश अमान्य हो जाते हैं, तो भाजपा तीसरे उम्मीदवार की जीत की संभावना तलाश सकती है। ऐसे में 18 जून का राज्यसभा चुनाव केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि रणनीति और संख्या बल की परीक्षा भी साबित हो सकता है। विजयवर्गीय के बयान ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि भाजपा फिलहाल अपने सभी विकल्प खुले रखे हुए है और अंतिम समय तक राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।








