US Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ समझौता होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यूरोप में होने वाले संभावित हस्ताक्षर समारोह में वह खुद शामिल नहीं हो पाएंगे, लेकिन उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ इसमें हिस्सा ले सकते हैं।
ट्रंप के इस बयान पर ईरानी संसद के स्पीकर और वार्ताकार मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अमेरिका जल्दबाजी में कोई फैसला लेता है तो इससे ऐसी मुश्किलें पैदा हो सकती हैं, जिनका अंत दिखाई नहीं देगा।
ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने ईरान के खिलाफ प्रस्तावित हमले और बमबारी को रोक दिया है। उनके अनुसार, ईरान के साथ बातचीत में शामिल सभी पक्षों ने इस समझौते को मंजूरी दे दी है।इन देशों में अमेरिका, इजराइल, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, तुर्की, पाकिस्तान, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन और मिस्र सहित कई अन्य देश शामिल हैं।
ट्रंप ने कहा कि जब तक समझौता पूरी तरह अंतिम रूप नहीं ले लेता, तब तक नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि समझौते पर हस्ताक्षर की तारीख और स्थान की जानकारी जल्द दी जाएगी।एक टेलीविजन रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने यह भी घोषणा की कि अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध समाप्त कर दिया है।
परमाणु हथियारों को लेकर ट्रंप का दावा
ट्रंप ने कहा कि ईरान अब कभी भी परमाणु हथियार नहीं रखने पर सहमत हो गया है। उन्होंने इसे बातचीत का सबसे बड़ा लक्ष्य बताया।उन्होंने कहा, “हमने आज ईरान के साथ युद्ध खत्म कर दिया है और वे परमाणु हथियार न रखने के लिए सहमत हो गए हैं। यही हमारा मुख्य उद्देश्य था।”ट्रंप के मुताबिक, शेयर बाजार ने भी इस समझौते को सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और जल्द ही इस पर हस्ताक्षर हो जाएंगे।उन्होंने कहा कि समझौता पूरा होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खोल दिया जाएगा।
US Iran War: मजबूत समझौते का किया दावा
ट्रंप ने इस समझौते को बेहद मजबूत समझौता ज्ञापन (MoU) बताया। उन्होंने कहा कि यह भले ही अभी शुरुआती रूप में हो, लेकिन इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।उन्होंने दावा किया कि ईरान ने हमेशा के लिए परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश छोड़ने का वादा किया है।ट्रंप ने कहा कि ईरान न तो परमाणु हथियार खरीदेगा और न ही उसे विकसित करेगा। उनके अनुसार, ईरान के पास भविष्य में परमाणु हथियार नहीं होंगे।जब उनसे पूछा गया कि ईरान इस समझौते के लिए क्यों तैयार हुआ, तो ट्रंप ने कहा कि ईरान ने बहुत बड़ा नुकसान झेला है और वह इस समझौते को अमेरिका से भी ज्यादा चाहता है।
हमले की धमकी के बाद बदला रुख
इससे पहले गुरुवार सुबह ट्रंप ने ईरान पर बड़े स्तर पर हमला करने की धमकी दी थी। उन्होंने ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर कब्जा करने की बात भी कही थी।लेकिन कुछ ही घंटों बाद ट्रंप ने शांति वार्ता में प्रगति का हवाला देते हुए हमले की योजना रद्द कर दी।
वीकेंड पर ईरान के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर को लेकर ट्रंप का बयान उस कार्यक्रम में आया, जहां उन्होंने प्रशांत महासागर के संरक्षित क्षेत्रों में व्यावसायिक मछली पकड़ने की अनुमति फिर से शुरू करने की घोषणा की थी।पिछले कुछ हफ्तों में ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि अमेरिका और ईरान समझौते के बेहद करीब हैं, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक समझौता नहीं हो पाया था।
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