WhatsApp Username : WhatsApp के प्रस्तावित Username फीचर को लेकर उठ रही सुरक्षा और गोपनीयता संबंधी चिंताओं के बीच कंपनी ने गुरुवार को विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है. WhatsApp ने साफ किया है कि यह फीचर पूरी तरह वैकल्पिक (Optional) होगा और किसी भी यूजर के लिए यूजरनेम बनाना अनिवार्य नहीं रहेगा. कंपनी का कहना है कि इस फीचर का उद्देश्य यूजर्स को अपना मोबाइल नंबर साझा किए बिना नए लोगों और ग्रुप्स से जुड़ने की सुविधा देना है. कंपनी के अनुसार, यदि किसी यूजर की पसंद का यूजरनेम उपलब्ध नहीं होगा तो उसके पीछे कुछ तय कारण होंगे.

इंस्टाग्राम और फेसबुक पर पहले से मौजूद यूजरनेम उनके मौजूदा मालिकों के लिए सुरक्षित रहेंगे. वहीं, मशहूर हस्तियों, सरकारी संस्थाओं और Meta Verified अकाउंट्स से जुड़े नाम भी सुरक्षित रखे जाएंगे, ताकि कोई अन्य व्यक्ति उनका गलत इस्तेमाल न कर सके. ऐसे मामलों में यूजर्स को दूसरा उपलब्ध यूजरनेम चुनना होगा.
WhatsApp Username
WhatsApp ने यह भी स्पष्ट किया कि यूजरनेम को प्लेटफॉर्म पर सर्च नहीं किया जा सकेगा. जैसे अभी केवल फोन नंबर से ही संपर्क संभव होता है, उसी तरह यूजरनेम भी सार्वजनिक रूप से खोजे जाने योग्य नहीं होंगे. यदि किसी नए व्यक्ति की ओर से पहली बार मैसेज आएगा तो यूजर को सुरक्षा संबंधी जानकारी दिखाई जाएगी. इसमें मैसेज भेजने वाले का देश, अकाउंट से जुड़ी जानकारी और जरूरत पड़ने पर ब्लॉक व रिपोर्ट करने का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा. सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए कंपनी Username Key नाम का अतिरिक्त फीचर भी लाएगी. यदि कोई यूजर इसे सक्रिय करता है तो उससे संपर्क करने के लिए केवल यूजरनेम जानना काफी नहीं होगा, बल्कि Username Key भी जरूरी होगी. यूजर किसी भी समय अपनी Key बदल सकेंगे, जिससे अनचाहे संपर्कों को रोका जा सकेगा. कंपनी ने यह भी बताया कि यूजर्स बाद में अपना यूजरनेम बदल सकेंगे, यदि नया नाम उपलब्ध होगा.
Username reservations are here, as more and more people claim theirs, here’s answers to the top questions you’re asking ⬇️
Q: Are usernames mandatory?
A: Nope, they are optional.
Q: What if the username I want isn’t available?
A: There’s a few reasons you might not be able to…
— WhatsApp (@WhatsApp) July 1, 2026
यूजर्स की बड़ी चिंताएं
इस बीच केंद्र सरकार ने WhatsApp को नोटिस जारी कर कहा है कि सरकार के साथ बातचीत पूरी होने तक इस फीचर को लॉन्च न किया जाए. सरकार ने आशंका जताई है कि इससे फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन धोखाधड़ी और किसी दूसरे व्यक्ति का रूप धरकर ठगी जैसे मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है. सरकार ने कंपनी से तीन दिन के भीतर इस फीचर से जुड़े सभी दस्तावेज और विस्तृत जानकारी मांगी है. WhatsApp के प्रवक्ता ने कहा कि Username फीचर अभी उपलब्ध नहीं है और इसे इस साल के अंत तक चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा. कंपनी का कहना है कि फोन नंबर की आवश्यकता पहले की तरह बनी रहेगी और पहचान की सुरक्षा के लिए कई अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे.
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