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Vacuum Cleaner History: बिना बिजली चलता था दुनिया का पहला वैक्यूम क्लीनर, जानिए कैसे शुरू हुआ इस मशीन का सफर

Vacuum Cleaner History : तकनीक ने बीते डेढ़ सौ वर्षों में लोगों की जिंदगी को काफी आसान बनाया है। वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर और मोबाइल फोन की तरह वैक्यूम क्लीनर भी ऐसा ही एक आविष्कार है, जिसने घरों की सफाई का तरीका बदल दिया। आज बाजार में रोबोटिक और स्मार्ट वैक्यूम क्लीनर उपलब्ध हैं, लेकिन इस मशीन की शुरुआत बेहद साधारण रूप में हुई थी।

1800 के दशक में औद्योगिक क्रांति के बाद शहरों का तेजी से विस्तार हुआ और घरों में कालीन तथा भारी फर्नीचर का इस्तेमाल बढ़ने लगा। इसके साथ ही धूल और गंदगी की सफाई बड़ी चुनौती बन गई। झाड़ू और कालीन झाड़ने जैसे पारंपरिक तरीके पर्याप्त नहीं रहे, जिससे नई तकनीक की जरूरत महसूस हुई।

Vacuum Cleaner History

साल 1860 के दशक में कालीन साफ करने के लिए पहली बार हाथ से चलने वाले मैकेनिकल उपकरण विकसित किए गए। इसके बाद 1870 के दशक में अमेरिकी आविष्कारक आइव्स मैकगैफी ने ‘व्हर्लविंड’ नाम की मशीन का पेटेंट कराया। इसे दुनिया के शुरुआती वैक्यूम क्लीनरों में गिना जाता है। यह बिजली से नहीं चलता था, बल्कि इसमें हाथ से घुमाए जाने वाले पंखे की मदद से सक्शन पैदा किया जाता था। हालांकि इसे चलाना आसान नहीं था, क्योंकि मशीन को धकेलने के साथ-साथ लीवर भी घुमाना पड़ता था।

धीरे-धीरे तकनीक में बदलाव

इसी दौर में मेलविले बिसेल ने घूमने वाले ब्रश वाला कारपेट स्वीपर तैयार किया, जो धूल और कचरे को अपने अंदर जमा कर लेता था। इसके बाद 1899 में जॉन एस. थर्मन ने पेट्रोल इंजन से चलने वाला मोटराइज्ड वैक्यूम क्लीनर विकसित किया। हालांकि शुरुआती मशीनें कालीन की गहराई तक सफाई करने में पूरी तरह सक्षम नहीं थीं, इसलिए लोग लंबे समय तक मैनुअल उपकरणों का इस्तेमाल करते रहे।

पहला इलेक्ट्रिक वैक्यूम क्लीनर

आधुनिक वैक्यूम क्लीनर की दिशा में सबसे बड़ा बदलाव 1901 में आया, जब ह्यूबर्ट सेसिल बूथ ने पहले इलेक्ट्रिक वैक्यूम क्लीनर का पेटेंट कराया। यह मशीन काफी बड़ी थी और इसे आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक नहीं ले जाया जा सकता था। सफाई के दौरान मशीन को इमारत के बाहर खड़ा किया जाता था और लंबी पाइपों के जरिए अंदर मौजूद कमरों की सफाई की जाती थी।

ऐसे बना पोर्टेबल वैक्यूम क्लीनर

बाद में जेम्स मरे स्पैंगलर ने पहला व्यावसायिक रूप से सफल पोर्टेबल इलेक्ट्रिक वैक्यूम क्लीनर तैयार किया। उन्होंने पुराने पंखे की मोटर, झाड़ू के हैंडल और तकिए के कवर का उपयोग करके इसका शुरुआती मॉडल बनाया। बाद में उन्होंने इसका पेटेंट विलियम हूवर को बेच दिया। इसके बाद हूवर कंपनी ने इस तकनीक को विकसित किया और वैक्यूम क्लीनर आम लोगों के घरों तक पहुंचने लगे।

स्मार्ट क्लीनिंग डिवाइस

समय के साथ वैक्यूम क्लीनर लगातार आधुनिक होते गए। आज वायरलेस, रोबोटिक, स्मार्ट सेंसर और एआई तकनीक से लैस वैक्यूम क्लीनर बाजार में उपलब्ध हैं, जो कम समय में बेहतर सफाई करने में सक्षम हैं लेकिन इन आधुनिक मशीनों की शुरुआत उस साधारण हाथ से चलने वाले उपकरण से हुई थी, जिसने पहली बार घरों की सफाई को आसान बनाने का रास्ता दिखाया।

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Sanjucta