Maharashtra RTI Rules: सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की चेतावनी के बाद महाराष्ट्र सरकार ने नए सूचना का अधिकार (RTI) नियमों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि हाल ही में अधिसूचित संशोधित RTI नियमों को फिलहाल लागू न किया जाए।
Maharashtra RTI Rules: नए RTI नियमों पर क्यों हुआ विरोध-
प्रस्तावित संशोधनों में RTI आवेदन शुल्क बढ़ाने, पहचान पत्र अनिवार्य करने और एक आवेदन में केवल एक ही विषय से जुड़ी जानकारी मांगने जैसी शर्तें शामिल थीं। इन बदलावों का सामाजिक संगठनों और RTI कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध किया था।
Maharashtra RTI Rules: मुख्यमंत्री ने आयोग को लिखा पत्र-
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र राज्य सूचना आयोग को पत्र लिखकर कहा कि अन्ना हजारे से विस्तृत चर्चा किए बिना इन संशोधनों को लागू करना उचित नहीं होगा। इसके बाद राज्य सूचना आयोग ने भी संशोधित नियमों पर रोक लगाने का फैसला किया।
Maharashtra RTI Rules: अन्ना हजारे अपने रुख पर रहे कायम-
इससे पहले मुख्य सूचना आयुक्त ने अहमदनगर के रालेगण सिद्धि जाकर अन्ना हजारे से मुलाकात की और प्रस्तावित बदलावों पर चर्चा की, लेकिन हजारे अपने रुख पर अडिग रहे। उनका कहना था कि ये संशोधन RTI कानून की मूल भावना को कमजोर करेंगे और आम नागरिकों के लिए सूचना प्राप्त करना मुश्किल बना देंगे।
5 जुलाई से भूख हड़ताल की दी थी चेतावनी-
अन्ना हजारे ने ऐलान किया था कि यदि ‘महाराष्ट्र सूचना का अधिकार नियम, 2026’ वापस नहीं लिए गए तो वे 5 जुलाई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। सरकार के फैसले को फिलहाल विरोध शांत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
महाराष्ट्र विधानसभा ने महिला किसान सशक्तीकरण बिल किया पास-
महाराष्ट्र विधानसभा ने गुरुवार को सर्वसम्मति से महिला किसान सशक्तीकरण बिल पारित कर दिया। यह देश का अपनी तरह का पहला प्रस्तावित कानून है, जिसका उद्देश्य महिला किसानों को कानूनी पहचान दिलाना और सरकारी योजनाओं, संस्थागत ऋण, कृषि सेवाओं तथा महिला किसान पहचान-पत्रों तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना है।
महिला किसानों के लिए बनेगा विशेष फंड-
बिल के तहत खेती से जुड़ी महिलाओं के लिए विशेष फंड बनाया जाएगा। साथ ही अकेले खेती करने वाली महिलाओं को अतिरिक्त सहायता और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि कृषि क्षेत्र में उनकी भूमिका को मजबूत किया जा सके।
कृषि मंत्री ने बताई बिल की जरूरत
कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने कहा कि बुवाई से कटाई तक महिलाएं खेती में पुरुषों के साथ बराबर योगदान देती हैं। इसके अलावा डेयरी और पशुपालन जैसी गतिविधियों में भी उनकी अहम भूमिका रहती है, लेकिन जमीन पुरुषों के नाम होने के कारण वे कई सरकारी लाभों से वंचित रह जाती हैं। नया कानून इस स्थिति को बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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