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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: SIT की दोबारा एंट्री, चंपतराय समेत 3 ट्रस्ट पदाधिकारियों से पूछताछ, बुलडोजर एक्शन की तैयारी

Ram Mandir Donation Theft:

Ram Mandir Donation Theft: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (SIT) के तीनों सदस्य गुरुवार को दोबारा अयोध्या पहुंचे और जांच का दायरा आगे बढ़ाया। टीम ने सबसे पहले ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्र से करीब डेढ़ घंटे तक पूछताछ की। इसके बाद व्यवस्थापक गोपाल राव और ट्रस्ट महासचिव चंपतराय से भी दान में मिले आभूषणों, भूमि खरीद और संबंधित दस्तावेजों को लेकर सवाल-जवाब किए। अधिकारियों ने तीनों के बयानों का आपस में मिलान भी किया।

Ram Mandir Donation Theft: आज दानदाताओं और जमीन सौदे से जुड़े लोगों से होगी पूछताछ-

SIT ने शुक्रवार को उन दानदाताओं और जमीन खरीद-बिक्री से जुड़े लोगों को बुलाया है, जिनके नाम आप सांसद संजय सिंह द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों में गवाह, खरीदार और विक्रेता के रूप में दर्ज हैं। टीम अब तक कई अहम साक्ष्य जुटा चुकी है और रिकॉर्ड का सत्यापन भी जारी है।

Ram Mandir Donation Theft: अविनाश शुक्ल की कस्टडी रिमांड, पैतृक गांव भी ले जाएगी पुलिस-

मामले में गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ल की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर हो गई है। शुक्रवार को उससे गहन पूछताछ की जाएगी और उसे प्रतापगढ़ स्थित उसके पैतृक गांव भी ले जाया जाएगा। पुलिस को शक है कि चढ़ावे की सबसे अधिक रकम उसी ने हड़पी थी। उसके पास से 20 लाख रुपये नकद और 1121 अमेरिकी डॉलर बरामद होने का दावा किया गया है।

नकदी गिनने वाले कर्मचारियों से भी पूछताछ-

पुलिस टीम ने मंदिर परिसर में दानपात्रों से नकदी निकालने और उसकी गणना करने वाले करीब एक दर्जन कर्मचारियों से पूछताछ की। अधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया को समझकर जांच के लिए जरूरी जानकारी जुटाई।

लवकुश मिश्र के मकान पर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी-

अयोध्या विकास प्राधिकरण ने आरोपी लवकुश मिश्र के जयपुरिया स्कूल के पीछे बन रहे आलीशान मकान को लेकर उसकी पत्नी सुप्रिया मिश्रा को नोटिस जारी किया है। प्राधिकरण ने बताया कि मकान का नक्शा स्वीकृत नहीं है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर ध्वस्तीकरण (बुलडोजर) की कार्रवाई की जा सकती है।

SIT के रडार पर महिपाल सिंह और दीनानाथ वर्मा-

SIT जल्द ही ट्रस्ट के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह और पूर्व इंजीनियर दीनानाथ वर्मा को भी पूछताछ के लिए बुला सकती है। दोनों ने पहले ट्रस्ट पदाधिकारियों पर चढ़ावे में गड़बड़ी, आभूषण गायब करने और निर्माण कार्यों में कमीशनखोरी जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। जांच एजेंसी इन आरोपों की भी पड़ताल करेगी।

अब तक क्या हुआ-

SIT ने 23 जून को प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपी थी।

इसके बाद आठ कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज हुई।

सभी आरोपी 13 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में हैं।

पुलिस अब अविनाश शुक्ल को मुख्य आरोपी बनाने की दिशा में जांच आगे बढ़ा रही है।

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