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Delhi High Court: सोनी के खेल प्रसारणों की अवैध लाइव स्ट्रीमिंग पर दिल्ली उच्च न्यायालय सख्त

Delhi High Court : दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के विशेष खेल प्रसारणों की अवैध लाइव स्ट्रीमिंग करने वाली कई वेबसाइटों के खिलाफ बड़ा अंतरिम आदेश जारी किया है। न्यायालय ने कहा कि कॉपीराइट वाले खेल आयोजनों का बिना अनुमति प्रसारण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे प्रसारण अधिकार रखने वाली कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान भी होता है। इसी को देखते हुए न्यायालय ने संबंधित वेबसाइटों पर तत्काल रोक लगाने और उन्हें अवरुद्ध करने के निर्देश दिए हैं। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की एकल पीठ ने की।

उच्च न्यायालय ने अपने एकपक्षीय अंतरिम आदेश में स्पष्ट किया कि संबंधित वेबसाइटें सोनी के खेल आयोजनों का प्रसारण, सीधा प्रसारण, डाउनलोड अथवा किसी भी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध नहीं करा सकेंगी। न्यायालय ने डोमेन नाम पंजीयक, इंटरनेट सेवा प्रदाताओं, दूरसंचार विभाग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को इन वेबसाइटों को तत्काल अवरुद्ध करने और उनके डोमेन नाम निलंबित करने का निर्देश दिया है।

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न्यायालय ने कहा कि सोनी ने अंतरिम राहत पाने के लिए प्रथम दृष्टया मजबूत आधार प्रस्तुत किया है। अदालत के अनुसार खेल प्रसारणों की ऑनलाइन चोरी लगातार बढ़ती समस्या बन चुकी है और यदि इस पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई तो कंपनी के विशेष प्रसारण अधिकारों को अपूरणीय क्षति पहुंचेगी। न्यायालय ने विशेष रूप से भारत के इंग्लैंड दौरे की पुरुष और महिला क्रिकेट श्रृंखला के दौरान ऐसे अवैध प्रसारण को गंभीर माना।

न्यायालय ने सोनी को यह अनुमति भी दी है कि यदि खेल आयोजनों के दौरान कोई नई अवैध वेबसाइट सामने आती है तो उसकी जानकारी संबंधित विभागों और न्यायालय को दे सके। सूचना मिलते ही संबंधित एजेंसियां उन वेबसाइटों को भी तत्काल अवरुद्ध करेंगी। इसके बाद सोनी को उन नई वेबसाइटों को मुकदमे में पक्षकार बनाते हुए शपथपत्र प्रस्तुत करना होगा।

4 अगस्त को अगली सुनवाई

सोनी ने अपनी याचिका में बताया कि उसके पास कई अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के विशेष प्रसारण अधिकार हैं और संबंधित वेबसाइटें बिना अनुमति इनका सीधा प्रसारण कर रही हैं। कंपनी का कहना है कि वेबसाइट संचालक अपनी पहचान छिपाने के लिए डोमेन गोपनीयता सेवाओं का उपयोग करते हैं और संगठित तरीके से कॉपीराइट सामग्री का अवैध प्रसारण करते हैं। न्यायालय ने सभी प्रतिवादियों को समन जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई चार अगस्त को तथा अंतरिम राहत संबंधी आवेदन पर अगली सुनवाई नौ अक्तूबर को निर्धारित की है।

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Written By : Rashmi Sharma