Water After Meals: खाना खाने के बाद पानी पीना ज्यादातर लोगों की रोजमर्रा की आदत होती है। कुछ लोग सिर्फ एक-दो घूंट पानी पीते हैं, जबकि कई लोग पूरा एक गिलास पानी पी लेते हैं। वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि खाना खाने से पहले पानी पीना कई मामलों में ज्यादा फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि इससे कैलोरी नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।हालांकि, लंबे समय से यह सवाल लोगों के मन में रहता है कि क्या खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीना सही है या इससे पाचन पर बुरा असर पड़ता है। इस विषय पर आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों की अपनी-अपनी राय है।
आयुर्वेद के अनुसार क्या है सही तरीका?
यूपी के अलीगढ़ आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर और आयुर्वेदाचार्य डॉ. पीयूष माहेश्वरी ने News18 से बातचीत में बताया कि आयुर्वेद के अनुसार शरीर में मौजूद जठराग्नि (पाचन अग्नि) भोजन को पचाने का मुख्य काम करती है।उनके अनुसार, यदि कोई व्यक्ति खाना खाने के तुरंत बाद अधिक मात्रा में पानी पी लेता है, तो इससे जठराग्नि कमजोर पड़ सकती है। इसका असर पाचन प्रक्रिया पर पड़ सकता है और भोजन को पचने में अधिक समय लग सकता है।

Water After Meals: ठंडा पानी पीने से हो सकती हैं ये परेशानियां
आयुर्वेद के अनुसार भोजन के तुरंत बाद ज्यादा मात्रा में ठंडा पानी पीने से बचना चाहिए। ऐसा करने से कुछ लोगों को पेट भारी लगना, गैस बनना और अपच जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।हालांकि, यदि भोजन के बाद सिर्फ एक या दो घूंट पानी पिया जाए तो इसे सामान्य माना जाता है। लेकिन अधिक मात्रा में पानी पीने से पाचन की गति धीमी हो सकती है।
आयुर्वेद में खाना खाने से पहले पानी पीना लाभकारी माना गया है। इससे शरीर को कई फायदे मिल सकते हैं और कैलोरी कंट्रोल करने में भी मदद मिलती है।इसके अलावा, भोजन करते समय बीच-बीच में थोड़ी मात्रा में पानी पीना भी अच्छा माना गया है। इससे खाना निगलने और पाचन प्रक्रिया को बेहतर तरीके से काम करने में सहायता मिल सकती है।
भोजन के कितनी देर बाद पानी पीना चाहिए?
आयुर्वेदाचार्य के अनुसार खाना खाने के लगभग 30 मिनट बाद पानी पीना सबसे बेहतर माना जाता है। इससे पाचन तंत्र को भोजन पचाने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है।पानी पीते समय गुनगुना या सामान्य तापमान का पानी ज्यादा उपयुक्त माना जाता है, क्योंकि यह पाचन प्रक्रिया के लिए अनुकूल हो सकता है।साथ ही, एक बार में बहुत ज्यादा पानी पीने के बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीना बेहतर रहता है। अधिक पानी पीने से कुछ लोगों को पेट फूलना, भारीपन या असहजता महसूस हो सकती है।
गर्मी के मौसम में शरीर को पानी की जरूरत बढ़ जाती है। इसलिए प्यास और शरीर की आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त मात्रा में पानी जरूर पिएं। हालांकि, एक बार में बहुत ज्यादा पानी पीने के बजाय अंतराल में पानी पीना अधिक बेहतर माना जाता है।

Water After Meals: मॉडर्न साइंस क्या कहती है?
आधुनिक विज्ञान की राय आयुर्वेद से कुछ अलग है। वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीना सामान्य तौर पर नुकसानदायक नहीं माना जाता।अब तक ऐसे ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिले हैं, जिनसे यह साबित हो कि भोजन के बाद पानी पीने से पाचन रस कमजोर हो जाते हैं या खाना ठीक से नहीं पचता।इसके विपरीत, पानी भोजन को नरम बनाने, उसे पेट से आंतों तक आसानी से पहुंचाने और पोषक तत्वों के अवशोषण (Absorption) में मदद करता है।
हालांकि, आधुनिक विज्ञान भी यह मानता है कि एक ही बार में बहुत अधिक मात्रा में पानी पीने से कुछ लोगों को पेट में भारीपन या असहजता महसूस हो सकती है। इसलिए संतुलित मात्रा में पानी पीना ही बेहतर विकल्प माना जाता है।
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