IAS Story: महाराष्ट्र के चर्चित IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे एक बार फिर अपनी सख्त और ईमानदार कार्यशैली को लेकर चर्चा में हैं। मई 2026 के अंतिम सप्ताह में उन्हें महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) का आयुक्त नियुक्त किया गया। पदभार संभालते ही उन्होंने विभाग में नियमों के उल्लंघन और मिलावटखोरी के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया, जिससे कई कंपनियों और कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
IAS Story: PepsiCo, Red Bull और Sting को जारी की चेतावनी-
हाल ही में तुकाराम मुंढे ने PepsiCo, Red Bull और Sting समेत कई कंपनियों को उनके पेय पदार्थों पर ‘एनर्जी ड्रिंक’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर चेतावनी जारी की। उन्होंने स्पष्ट किया कि लेबलिंग और प्रचार-प्रसार में सभी कंपनियों को निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। प्रशासन की सख्ती के बाद संबंधित कंपनियों ने नियमों के अनुरूप आवश्यक बदलाव करने का भरोसा दिया।
IAS Story: 21 साल की नौकरी में 25 बार हुआ तबादला-
वर्ष 2005 बैच के IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे का प्रशासनिक सफर चुनौतियों से भरा रहा है। करीब 21 साल की सेवा में उनका 25 बार तबादला हो चुका है। लगातार स्थानांतरण के बावजूद उन्होंने हर जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और सख्ती के साथ निभाया। यही कारण है कि उन्हें अक्सर ‘सिंघम IAS’ के नाम से जाना जाता है।
रेत माफिया और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई-
अपने प्रशासनिक करियर में तुकाराम मुंढे ने अवैध रेत खनन, भू-माफियाओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाई की। उनकी निष्पक्ष कार्यशैली के कारण उन्हें कई बार राजनीतिक और प्रशासनिक दबावों का भी सामना करना पड़ा। बावजूद इसके उन्होंने अपने फैसलों से कभी समझौता नहीं किया, जिससे उनकी अलग पहचान बनी।
ग्रामीण स्कूल से शुरू हुआ UPSC तक का सफर-
तुकाराम मुंढे का जन्म 3 जून 1975 को महाराष्ट्र के बीड जिले के तडसोना गांव में हुआ। साधारण परिवार से आने वाले मुंढे ने प्रारंभिक शिक्षा जिला परिषद स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने औरंगाबाद से इतिहास में स्नातक (BA) और राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर (MA) की पढ़ाई पूरी की। वे महाराष्ट्र के वंजारी समुदाय से आते हैं, जिसे अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में शामिल किया गया है।
‘मैन ऑफ मिशन’ और ‘सिंघम IAS’ के नाम से पहचान-
तुकाराम मुंढे को उनकी उत्कृष्ट प्रशासनिक सेवाओं के लिए ‘बेस्ट कलेक्टर’ पुरस्कार भी मिल चुका है। जनता के बीच वे ‘मैन ऑफ मिशन’ और ‘सिंघम IAS’ के नाम से लोकप्रिय हैं। उनकी छवि ऐसे अधिकारी की है, जो नियमों के पालन और ईमानदार प्रशासन के लिए किसी भी तरह का समझौता नहीं करते।
परिवार और निजी जीवन-
तुकाराम मुंढे की पत्नी का नाम अर्चना मुंढे है। उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं। व्यस्त प्रशासनिक जीवन के बावजूद वे अपने सादगीपूर्ण स्वभाव और ईमानदार छवि के लिए जाने जाते हैं।
क्यों चर्चा में हैं तुकाराम मुंढे-
FDA आयुक्त बनने के बाद तुकाराम मुंढे ने खाद्य और पेय पदार्थों के क्षेत्र में नियमों के सख्त पालन पर जोर दिया है। कंपनियों के खिलाफ उनकी त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वे प्रशासनिक ईमानदारी और कानून के पालन के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करते। यही वजह है कि वे एक बार फिर सुर्खियों में हैं।
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