Aligarh News: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले की खैर विधानसभा से भाजपा विधायक एवं राजस्व राज्यमंत्री सुरेंद्र दिलेर को योगी सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी देकर जनता की सेवा का अवसर दिया। लेकिन अब विधानसभा क्षेत्र में उनके कामकाज और जनता से संवाद को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंत्री बनने के बाद सुरेंद्र दिलेर आम लोगों की पहुंच से दूर हो गए हैं। सबसे बड़ी शिकायत यह सामने आ रही है कि न तो मंत्री स्वयं जनता के फोन उठाते हैं और न ही उनके प्रतिनिधियों से लोगों को संतोषजनक जवाब मिल पाता है।
भाजपा ने जताया था सुरेंद्र दिलेर पर भरोसा
दरअसल, पूर्व राजस्व राज्यमंत्री अनूप प्रधान के हाथरस से सांसद बनने के बाद खैर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा ने सुरेंद्र दिलेर पर भरोसा जताया। जनता ने उन्हें विधायक बनाया और योगी सरकार ने उन्हें राजस्व राज्यमंत्री की जिम्मेदारी भी सौंप दी। लेकिन कुछ ही समय बाद क्षेत्र में जनता के बीच नाराजगी की चर्चाएं तेज होती दिखाई दे रही हैं।

जनता का दावा- हमारे बीच का विधायक चाहिए
स्थानीय स्तर पर किए गए जनमत और लोगों से बातचीत में दो बड़े मुद्दे सामने आए। पहला यह कि कई लोगों का कहना है कि सुरेंद्र दिलेर का परिवार लंबे समय से हाथरस की राजनीति से जुड़ा रहा है, इसलिए खैर की जनता अपने क्षेत्र से निकले स्थानीय नेतृत्व को अधिक पसंद करती है। लोगों का कहना है कि योगी सरकार के कामकाज पर उन्हें भरोसा है, लेकिन विधानसभा का प्रतिनिधि ऐसा होना चाहिए जो हर समय क्षेत्र में उपलब्ध रहे।
सबसे बड़ा आरोप- फोन तक नहीं उठाते मंत्री
सर्वाधिक नाराजगी मंत्री की उपलब्धता को लेकर सामने आई। कई लोगों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर मंत्री या उनके कार्यालय से संपर्क करना बेहद मुश्किल हो गया है। जनता का आरोप है कि लगातार फोन करने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिलता। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि हर घर तक पहुंचते हैं, लेकिन जीतने के बाद आम लोगों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। कुछ लोगों ने यहां तक कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में जनता इस नाराजगी का जवाब वोट के जरिए दे सकती है।
ब्रज 84 कोस परिक्रमा मार्ग की बदहाली पर भी फूटा गुस्सा
क्षेत्र में ब्रज 84 कोस परिक्रमा मार्ग की बदहाल स्थिति भी लोगों के गुस्से की बड़ी वजह बन रही है। ग्रामीणों ने सोशल मीडिया पर व्यंग्यात्मक अंदाज में लिखा कि यह मार्ग श्रद्धालुओं को ब्रज की रज के साथ-साथ ब्रज की कीचड़ का भी प्रत्यक्ष अनुभव कराता है। लोगों का आरोप है कि सड़क इतनी खराब है कि रोजाना बच्चे, बुजुर्ग और राहगीर फिसलकर गिरते हैं। ग्रामीणों ने पंचायत और जनप्रतिनिधियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वर्षों से समस्या जस की तस बनी हुई है।

खैर की जनता अब पूछ रही ये सवाल…
* क्या मंत्री बनने के बाद जनता से दूरी बढ़ गई है?
* यदि फोन तक नहीं उठाया जाएगा तो आम लोगों की समस्याएं आखिर किस तक पहुंचेंगी?
* लगातार दो-दो राजस्व मंत्री मिलने के बावजूद क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं का समाधान कब होगा?
* क्या खैर की जनता को विकास के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिलता रहेगा, या अब जमीन पर भी बदलाव दिखाई देगा?
फिलहाल ये सवाल क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हुए हैं। यदि इन शिकायतों पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में यह नाराजगी राजनीतिक रूप से भी असर डाल सकती है।
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