West Bengal: पश्चिम बंगाल में कथित क्रिप्टो निवेश और फर्जी शेयर बाजार प्रशिक्षण के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को बड़े पैमाने पर छापेमारी की। केंद्रीय एजेंसी ने दुर्गापुर, हावड़ा, नदिया और पश्चिम बर्दवान समेत कई स्थानों पर एक साथ कार्रवाई करते हुए संदिग्ध वित्तीय लेनदेन, मनी लॉन्ड्रिंग और चिट फंड नेटवर्क की जांच शुरू की। बताया जा रहा है कि यह मामला निवेशकों को ऊंचे मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी से जुड़ा है, जिसके तार विदेशों तक भी जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
कई जिलों में ईडी की ताबड़तोड़ कार्रवाई
ईडी ने गुरुवार सुबह पश्चिम बर्दवान जिले के अंडाल स्थित ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ईसीएल) के कर्मचारी दिलीप मल्लिक के आवास पर छापेमारी की। इसके अलावा हावड़ा जिले में सौरव चटर्जी के घर और नदिया जिले में कारोबारी शुभ्र कांति नाग उर्फ बाबाई नाग से जुड़े परिसरों की भी तलाशी ली गई। जांच एजेंसी इन स्थानों से मिले दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क के जरिए बड़ी संख्या में लोगों से निवेश के नाम पर धन जुटाया गया।
West Bengal: 22 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप
यह कार्रवाई कोलकाता के फेयरली प्लेस स्थित जराडोबिट एंड जराडोबिट ई-शॉपर्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ दर्ज मामले से जुड़ी है। मई 2025 में कालीघाट की एक महिला ने हेयर स्ट्रीट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि कंपनी ने 25 महीने के निवेश पर हर महीने 4 प्रतिशत मुनाफा देने का झांसा देकर करीब 22 करोड़ रुपये की ठगी की। शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू हुई और अब ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की भी पड़ताल कर रही है।
क्रिप्टो निवेश के नाम पर ठगी, विदेश कनेक्शन की भी जांच
जांच एजेंसियों के अनुसार, दिलीप मल्लिक और उनके बेटे दिगंत मल्लिक ने कथित तौर पर लोगों को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से कोलकाता के फेयरली प्लेस में कार्यालय खोला था। आरोप है कि निवेश पर भारी मुनाफे का भरोसा दिलाकर करोड़ों रुपये जुटाए गए। जांच में यह भी सामने आया है कि दिगंत मल्लिक का दुबई के एक कारोबारी से संपर्क था और हाल के दिनों में उनके बैंक खातों में बड़े पैमाने पर वित्तीय लेनदेन हुए हैं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर ईडी ने छापेमारी कर दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। अब एजेंसी पूरे वित्तीय नेटवर्क और संभावित विदेशी कनेक्शन की गहन जांच कर रही है।
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