Bandhavgarh Tiger Reserve: मध्य प्रदेश के उमरिया जिले स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (BTR) में मानसून गश्त के दौरान एक बाघ का कंकाल मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। यह कंकाल ताला परिक्षेत्र की मझखेता बीट के दुर्गम जंगल में मिला। सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी।
Bandhavgarh Tiger Reserve: डॉग स्क्वॉड और मेटल डिटेक्टर से की गई जांच-
घटना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने डॉग स्क्वॉड और मेटल डिटेक्टर की मदद से आसपास के इलाके की तलाशी ली। शुरुआती जांच में वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारियों ने कंकाल के बाघ का होने की संभावना जताई। हालांकि, मौके से शिकार से जुड़े कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले।
Bandhavgarh Tiger Reserve: डीएनए जांच से होगी बाघ की पहचान-
एनटीसीए (राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण) के प्रोटोकॉल के तहत 10 जुलाई को वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में कंकाल का परीक्षण किया गया। इस दौरान प्रजाति और लिंग की पुष्टि के लिए जैविक नमूने एकत्र किए गए और जांच के लिए भेज दिए गए। सभी साक्ष्यों का दस्तावेजीकरण करने के बाद कंकाल का नियमानुसार अंतिम निस्तारण किया गया।
रिपोर्ट के बाद सामने आएगी मौत की असली वजह-
वन विभाग के अनुसार, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बाघ की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या शिकार अथवा किसी अन्य वजह से। डीएनए और अन्य जैविक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण का खुलासा होगा और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
2026 में अब तक 11 बाघों की हो चुकी है मौत-
गौरतलब है कि वर्ष 2026 में अब तक उमरिया जिले में 11 बाघों की मौत दर्ज की जा चुकी है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने वन्यजीव संरक्षण और बाघों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
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