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अंक प्रणाली के आधार पर बनेंगे परीक्षा केंद्र, ऑनलाइन तैयार होगी मेरिट लिस्ट

 UP Board Exam 2027:
 UP Board Exam 2027:

UP Board Exam 2027: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने वर्ष 2027 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार भी परीक्षा केंद्रों का निर्धारण पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा। निर्धारित मानकों और अंक प्रणाली के आधार पर विद्यालयों की मेरिट लिस्ट तैयार होगी, जिसके अनुसार परीक्षा केंद्र तय किए जाएंगे।

UP Board Exam 2027: अंक प्रणाली से तय होगी मेरिट-

बोर्ड की सॉफ्टवेयर आधारित प्रणाली में विद्यालयों का मूल्यांकन विभिन्न मानकों पर किया जाएगा। इसके बाद राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित विद्यालयों की अलग-अलग मेरिट सूची बनाई जाएगी। अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनने में प्राथमिकता मिलेगी।

UP Board Exam 2027: ऐसे मिलेंगे विद्यालयों को अंक-

बोर्ड के अनुसार इंटरमीडिएट स्तर के विद्यालयों को 20 अंक और केवल हाईस्कूल स्तर के विद्यालयों को 10 अंक मिलेंगे।
वहीं, राजकीय विद्यालयों को 50 अंक, अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों को 40 अंक और स्ववित्तपोषित विद्यालयों को 20 अंक दिए जाएंगे। विद्यालय की परीक्षार्थी क्षमता भी मेरिट तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।

क्षमता और CCTV पर भी मिलेगा लाभ-

500 परीक्षार्थियों की क्षमता वाले विद्यालय को 10 अंक, 750 क्षमता वाले विद्यालय को 20 अंक और 1000 या उससे अधिक क्षमता वाले विद्यालय को 30 अंक दिए जाएंगे। यदि विद्यालय में पढ़ाई और अन्य गतिविधियां CCTV निगरानी में संचालित होती हैं तो अतिरिक्त 10 अंक भी मिलेंगे।

परीक्षा केंद्र बनने के लिए जरूरी होंगे ये मानक-

परीक्षा केंद्र बनने के लिए विद्यालयों में वॉयस रिकॉर्डर युक्त CCTV कैमरे, कम से कम 30 दिन की रिकॉर्डिंग क्षमता, डबल लॉक स्ट्रांग रूम, सुरक्षित मुख्य द्वार, चारदीवारी, अग्निशमन यंत्र, पर्याप्त पेयजल, अलग-अलग शौचालय, निर्बाध बिजली व्यवस्था और मोबाइल ऐप के जरिए जियोलोकेशन सत्यापन अनिवार्य होगा।

गलत जानकारी देने पर होगी कार्रवाई-

परिषद ने सभी प्रधानाचार्यों को निर्धारित समय में विद्यालयों की आधारभूत जानकारी पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि गलत जियोलोकेशन या भ्रामक जानकारी देने वाले प्रधानाचार्यों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य परीक्षा केंद्र निर्धारण को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और निष्पक्ष बनाना है।

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