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’20 सांसदों को कैसे नज़रअंदाज़ कर सकते हैं?’ विपक्ष के वॉकआउट के बाद किरेन रिजिजू का जवाब

PARLIAMENT NEWS: संसद के मानसून सत्र से पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक में टीएमसी के बागी गुट एनसीपीआई के सांसदों को आमंत्रित किए जाने पर विपक्ष के वॉकआउट के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार के फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा कि 20 निर्वाचित सांसदों को चर्चा से बाहर नहीं रखा जा सकता।

’20 सांसदों को कैसे बुलाने से रोकें?’

रिजिजू ने कहा कि एनसीपीआई के 20 लोकसभा सांसदों ने नई पार्टी के रूप में मान्यता और अलग बैठने के लिए लोकसभा अध्यक्ष को आवेदन दिया है। मामला अध्यक्ष के विचाराधीन है, ऐसे में उन्हें बैठक से बाहर रखना उचित नहीं होता।

PARLIAMENT NEWS: ‘कोई विशेष निमंत्रण नहीं दिया’

केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ने संसद में प्रतिनिधित्व करने वाले सभी दलों को आमंत्रित किया था। एनसीपीआई को अलग से कोई विशेष निमंत्रण नहीं भेजा गया, बल्कि लोकसभा सदस्य होने के नाते उन्हें बैठक में शामिल किया गया।

विपक्ष को विरोध का अधिकार

रिजिजू ने कहा कि विपक्ष को वॉकआउट करने और अपनी राय रखने का पूरा अधिकार है। हालांकि उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद जरूरी है और संसद में चर्चा से ही समस्याओं का समाधान निकलता है।

PARLIAMENT NEWS: राजनाथ सिंह ने सहयोग की अपील की

उन्होंने बताया कि सर्वदलीय बैठक में करीब 40 दलों के फ्लोर लीडर शामिल हुए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम एशिया की मौजूदा परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए सभी दलों से राष्ट्रीय हित में मिलकर संसद चलाने की अपील की।

‘हंगामे से नहीं मिलेगा बोलने का मौका’

रिजिजू ने कहा कि छोटी पार्टियों ने भी संसद में अधिक समय देने की मांग की है। उन्होंने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि यदि सदन सुचारु रूप से चलेगा तो सभी को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा, लेकिन लगातार हंगामा होने पर चर्चा प्रभावित होगी।

PARLIAMENT NEWS: आठ विधेयकों का एजेंडा पहले ही जारी

संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि मानसून सत्र के लिए प्रस्तावित आठ विधेयकों की जानकारी पहले ही लोकसभा और राज्यसभा सचिवालय की ओर से जारी की जा चुकी है। यदि सरकार कोई नया विधेयक लाती है तो पहले बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) में उस पर चर्चा कर विपक्ष को जानकारी दी जाएगी।

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