Air India: टाटा समूह के स्वामित्व वाली एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही हैं। सप्लाई चेन की दिक्कतों, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, हवाई क्षेत्र के संकट और भू-राजनीतिक तनाव जैसी चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने अपने ट्रांसफॉर्मेशन प्लान पर भरोसा जताया है। एअर इंडिया समूह के मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी और एअर इंडिया एक्सप्रेस के चेयरमैन निपुण अग्रवाल ने अबू धाबी में कहा कि बदलाव की योजना तय समय के अनुसार आगे बढ़ रही है।
Air India: 18 महीनों में 50-60 नए विमान होंगे शामिल-
निपुण अग्रवाल के अनुसार, अगले 18 महीनों में एअर इंडिया समूह को 50 से 60 नए विमान मिलने की उम्मीद है। हालांकि विमानों की डिलीवरी और पुराने विमानों के आधुनिकीकरण (रीट्रोफिटिंग) में देरी हुई है, लेकिन इससे कंपनी की दीर्घकालिक योजना प्रभावित नहीं होगी।
Air India: 600 विमानों का बड़ा ऑर्डर, हर साल बढ़ेगा बेड़ा-
एअर इंडिया समूह ने कुल 600 विमानों का ऑर्डर दिया है, जिनमें अब तक 10 प्रतिशत से भी कम विमानों की डिलीवरी हुई है। अगले सात से आठ वर्षों तक हर साल 50-60 नए विमान बेड़े में शामिल किए जाएंगे। इनमें 10-15 वाइड-बॉडी और 45-50 नैरो-बॉडी विमान होंगे। वहीं, एअर इंडिया एक्सप्रेस मार्च 2026 तक अपने पूरे बेड़े को एक समान बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
नेटवर्क विस्तार और बेहतर यात्रा अनुभव पर फोकस-
पश्चिम एशिया संकट और विमानों की कमी के कारण कुछ उड़ानों में कटौती करनी पड़ी थी, लेकिन अब एयरलाइन धीरे-धीरे अपना नेटवर्क फिर से बहाल कर रही है। कंपनी का कहना है कि पुराने केबिन और रखरखाव से जुड़ी समस्याओं को दूर करने पर तेजी से काम हो रहा है।
सिर्फ समय की पाबंदी नहीं, शानदार सफर का वादा-
निपुण अग्रवाल ने कहा कि आज का भारतीय यात्री केवल समय पर उड़ान और सुरक्षा ही नहीं, बल्कि बेहतर यात्रा अनुभव भी चाहता है। इसी सोच के साथ एअर इंडिया एक्सप्रेस खुद को ‘वैल्यू कैरियर’ के रूप में विकसित कर रही है। इसके लिए नए विमानों के साथ-साथ क्रू, एयरपोर्ट स्टाफ, सॉफ्टवेयर और सिस्टम में भी बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित, भरोसेमंद और यादगार सफर मिल सके।
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