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कोविड का नया RF.5 वैरिएंट आया सामने, ओमिक्रॉन से कितना अलग और कितना खतरनाक?

कोविड का नया RF.5 वैरिएंट आया

RF.5 Variant: एक बार फिर देश में कोरोना के केस बढ़ने लगे हैं। आंध्र प्रदेश और मुंबई में सबसे ज्यादा मामले रिपोर्ट हो रहे हैं। आंध्र प्रदेश में अब तक कोविड के 16 मरीज मिल चुके हैं और 4 लोगों की मौत भी हो चुकी है। इन 4 सैंपलों की जांच में ओमिक्रॉन का नया सब-वैरिएंट RF.5 पाया गया है। इस नए वैरिएंट के आने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।

जीनोम सीक्वेंसिंग में हुई पुष्टि

कडप्पा जिले से भेजे गए 4 कोविड पॉजिटिव सैंपलों की जीनोम सीक्वेंसिंग पुणे की वायरोलॉजी लैब में हुई थी। रिपोर्ट में इन सभी में RF.5 सब-लीनिएज की पुष्टि हुई। आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने भी प्रेस रिलीज में इसकी जानकारी दी।

कितना खतरनाक है नया RF.5 वैरिएंट?

अब सवाल है कि ये नया RF.5 कितना खतरनाक है? हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है। RF.5 ओमिक्रॉन परिवार का ही हिस्सा है। लेकिन शुरुआती डेटा बताता है कि ये पहले के ओमिक्रॉन वैरिएंट्स के मुकाबले थोड़ी ज्यादा गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है और इससे संक्रमण का जोखिम भी बढ़ सकता है।

कैसे विकसित हुआ RF.5?

WHO इस वैरिएंट पर लगातार नजर रखे हुए है। RF.5 सबसे पहले सिंगापुर और साउथ-ईस्ट एशिया के कुछ देशों में देखा गया था। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि RF.5 कोई दो अलग वैरिएंट्स से मिलकर बना हाइब्रिड वायरस नहीं है। ये नेचुरल तरीके से विकसित हुआ है। पहले JN.1 आया, फिर उससे LF.7 और PY.1.1.1 बने और आगे चलकर RF.5 डेवलप हुआ।

क्या हैं इसके लक्षण?

लक्षणों की बात करें तो RF.5 में भी बाकी ओमिक्रॉन जैसे ही लक्षण दिख रहे हैं। मेडिकल एजुकेशन के डायरेक्टर विष्णुवर्धन के अनुसार, इस वैरिएंट में गले में खराश, सूखी खांसी, हल्का बुखार, शरीर में दर्द और सिरदर्द सबसे आम हैं। सांस लेने में दिक्कत या हॉस्पिटलाइजेशन के केस अभी बहुत कम रिपोर्ट हुए हैं।

बचाव के लिए क्या करें?

कोरोना से बचाव के पुराने नियम ही अब भी सबसे कारगर हैं। हाथों को दिन में कई बार साबुन से 20 सेकंड तक धोएं या हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। भीड़भाड़ वाली जगह पर जाएं तो मास्क जरूर लगाएं। हाथ से आंख, नाक और मुंह छूने से बचें। अगर सर्दी-खांसी है तो घर पर ही रहें और मास्क पहनें, ताकि दूसरों तक संक्रमण न फैले।

घबराएं नहीं, सतर्क रहें

कुल मिलाकर RF.5 को लेकर अलर्ट रहना जरूरी है, लेकिन पैनिक नहीं। वैक्सीनेशन, बूस्टर डोज और बेसिक सावधानी से इस वैरिएंट को भी कंट्रोल किया जा सकता है। लक्षण दिखें तो तुरंत टेस्ट कराएं और डॉक्टर की सलाह लें।

Written by: Mansi Sharma

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