Indian Sailors Attack: यूक्रेन के तट के पास एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले में 4 भारतीय नाविकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद भारत सरकार ने रूस के प्रभारी राजदूत (चार्ज डी’अफेयर्स) को तलब कर इस मामले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। सूत्रों के अनुसार, विदेश मंत्रालय ने रूसी राजनयिक से साफ कहा कि एक व्यापारी जहाज पर हमला होना और उसमें भारतीय नागरिकों की जान जाना पूरी तरह अस्वीकार्य है।
रूस पर हमले का आरोप
यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने बताया कि रविवार को यूक्रेन के समुद्री गलियारे से गुजर रहे एक नागरिक मालवाहक जहाज पर रूस ने हमला किया। जहाज के चालक दल में भारत और सीरिया के नागरिक शामिल थे। रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पहली घटना है, जिसमें भारतीय नाविकों की जान गई है।यूक्रेनी वायुसेना के मुताबिक, गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले मालवाहक जहाज एमवी गोल्डन लियो पर रूसी क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया।
जहाज पर थे 17 चालक दल के सदस्य
विदेश मंत्रालय के अनुसार, जहाज पर कुल 17 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें 5 भारतीय नागरिक शामिल थे। हमले में 4 भारतीयों की मौत हो गई, जबकि एक भारतीय गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल नाविक का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
ओडेसा बंदरगाह से निकलते समय हुआ हमला
विदेश मंत्रालय ने सोमवार देर रात जारी बयान में बताया कि 19 जुलाई की शाम एमवी गोल्डन लियो यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हो रहा था। इसी दौरान जहाज पर हमला हुआ। उस समय जहाज पर 17 क्रू सदस्य मौजूद थे, जिनमें 5 भारतीय नागरिक थे।मंत्रालय ने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार 4 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि एक भारतीय गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। यूक्रेन में भारतीय दूतावास पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहा है।
भारत ने जताया शोक और कड़ा विरोध
विदेश मंत्रालय ने मृतक भारतीय नागरिकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और घायल भारतीय के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि व्यापारी जहाजों को निशाना बनाना और निर्दोष नागरिक चालक दल की जान को खतरे में डालना बेहद निंदनीय है। हालांकि, विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में सीधे तौर पर रूस का नाम नहीं लिया।








