Home » News » लोकसभा में राहुल गांधी के आरोप पर भारी हंगामा, अमित शाह पर लगाया फायरिंग के आदेश का आरोप; रिजिजू बोले- माफी मांगें या सबूत दें

लोकसभा में राहुल गांधी के आरोप पर भारी हंगामा, अमित शाह पर लगाया फायरिंग के आदेश का आरोप; रिजिजू बोले- माफी मांगें या सबूत दें

लोकसभा में राहुल गांधी के आरोप पर भारी हंगामा, अमित शाह पर लगाया फायरिंग के आदेश का आरोप; रिजिजू बोले- माफी मांगें या सबूत दें

Parliament Monsoon Session: लोकसभा में बुधवार को उस समय जोरदार हंगामा देखने को मिला, जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग का आदेश देने का गंभीर आरोप लगाया। राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान बच्चों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया और उन्हें शॉक देने के निर्देश दिए गए। उनके इस बयान पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई और संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से सदन में माफी मांगने या अपने आरोप के समर्थन में सबूत पेश करने की मांग की।सदन में बढ़ते हंगामे के बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी राहुल गांधी के समर्थन में सामने आए। उन्होंने कहा कि यदि नेता प्रतिपक्ष सरकार पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं तो सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग किसके आदेश पर किया गया। लगातार जारी गतिरोध के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से नियमों का पालन करने और विधेयक पर चर्चा करने की अपील की। बाद में सदन की कार्यवाही दोपहर 2:30 बजे तक स्थगित कर दी गई।एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, “भारत के कथित गृहमंत्री को हिम्मत नहीं है कि यहां आएं और बैठें। मैंने उनकी कारकेड देखी, 30 गाड़ियां थीं। गृहमंत्री डरे हुए हैं, इसलिए आज यहां नहीं हैं।”राहुल गांधी ने इसके बाद प्रदर्शनकारियों और बच्चों के खिलाफ कथित तौर पर किए गए बल प्रयोग का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चों पर पैलेट चलाए गए और उन्हें शॉक देने का आदेश दिया गया। राहुल गांधी के इस बयान के बाद सत्ता पक्ष के सांसदों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया और सदन में हंगामे की स्थिति बन गई।

रिजिजू का पलटवार- किस आधार पर लगाया आरोप?

राहुल गांधी के आरोपों पर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने सवाल किया कि नेता प्रतिपक्ष किस आधार पर केंद्रीय गृहमंत्री पर इतना गंभीर आरोप लगा रहे हैं।रिजिजू ने कहा कि संसद में इस तरह बिना आधार के किसी पर आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी से अपने बयान के लिए माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि यदि उनके पास आरोप से जुड़ा कोई प्रमाण या आदेश की प्रति है तो उसे सदन के सामने रखा जाए।रिजिजू ने कहा, “आपने कहा कि गृहमंत्री ने आदेश दिया। आप उसकी कॉपी निकालिए। किस अधिकारी से कहा गया, यह सदन में बताइए और कॉपी रखिए। चर्चा ऐसे नहीं हो सकती। संसद में जिम्मेदारी के साथ बोलना होगा।”

Parliament Monsoon Session: राहुल गांधी के समर्थन में आए अखिलेश यादव

सत्ता पक्ष की ओर से राहुल गांधी से माफी की मांग के बीच सपा अध्यक्ष और कन्नौज सांसद अखिलेश यादव उनके समर्थन में खड़े हुए। अखिलेश यादव ने कहा कि अगर नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है तो सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह सदन को बताए कि बच्चों के खिलाफ कथित बल प्रयोग किसके आदेश पर हुआ।अखिलेश यादव के हस्तक्षेप पर किरेन रिजिजू ने कहा कि जांच की मांग करना अलग बात है, लेकिन राहुल गांधी ने सीधे गृहमंत्री का नाम लेकर आरोप लगाया है। इसलिए उन्हें या तो अपने आरोप को साबित करना चाहिए या फिर माफी मांगनी चाहिए।

Parliament Monsoon Session: स्पीकर ओम बिरला ने राहुल गांधी को दी नसीहत

हंगामा बढ़ने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से आग्रह किया कि वह विधेयक पर अपनी बात रखें और सदन में किसी व्यक्ति का नाम लेकर आरोप लगाने के बजाय जांच की मांग करें।इस दौरान सत्ता पक्ष लगातार राहुल गांधी से माफी की मांग करता रहा। किरेन रिजिजू ने कहा कि गृहमंत्री का नाम लेकर लगाए गए आरोप को सरकार हल्के में नहीं ले सकती। उन्होंने दोहराया कि राहुल गांधी को बताना होगा कि उन्होंने किस आधार पर यह बयान दिया है।विवाद के बीच राहुल गांधी ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि बच्चों के खिलाफ जिस तरह के बल का इस्तेमाल किया गया, उसकी अनुमति उच्च स्तर से ही दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई की इजाजत या तो प्रधानमंत्री या फिर गृहमंत्री दे सकते हैं।हालांकि, राहुल गांधी की इस दलील से सत्ता पक्ष संतुष्ट नहीं हुआ। किरेन रिजिजू ने एक बार फिर उनसे आदेश की प्रति या अपने आरोप के समर्थन में कोई ठोस आधार सदन में पेश करने को कहा।उन्होंने कहा कि संसद में केवल सुर्खियां बटोरने के लिए कोई आरोप लगाकर आगे नहीं बढ़ा जा सकता और प्रत्येक सदस्य को जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।

हंगामे के बाद लोकसभा की कार्यवाही स्थगित

दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और लगातार नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सदन नियमों के अनुसार चलता है और सभी सदस्यों से अपेक्षा है कि वे संसदीय मर्यादाओं का पालन करें।स्पीकर ने कहा कि यदि सदस्य विधेयक और तथ्यों पर चर्चा नहीं करेंगे तो इस तरह सदन चलाना संभव नहीं होगा। इसके बाद बढ़ते हंगामे को देखते हुए लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।राहुल गांधी के आरोप और सत्ता पक्ष की ओर से माफी तथा सबूत की मांग के बाद यह मामला लोकसभा में बड़े राजनीतिक टकराव की वजह बन गया। एक तरफ विपक्ष कथित बल प्रयोग को लेकर सरकार से जवाब मांगता रहा, वहीं सत्ता पक्ष का कहना रहा कि केंद्रीय गृहमंत्री पर सीधे आरोप लगाने से पहले नेता प्रतिपक्ष को उसके समर्थन में प्रमाण सदन के सामने रखना चाहिए।

ये भी पढ़े……सांसद अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी को बताया ‘सबसे बड़ा उत्पाती’