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भोपाल में झमाझम बारिश, खरगोन में 7.6 इंच पानी; खंडवा में फसलें तबाह, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात

 MP Weather News:

MP Weather News: मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। शुक्रवार को राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश हुई। लगातार बारिश से जहां लोगों को उमस से राहत मिली, वहीं कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो गया। खरगोन में सबसे अधिक 7.6 इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि बुरहानपुर में 7 इंच और बैतूल के भीमपुर में 6.6 इंच वर्षा रिकॉर्ड हुई। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के 33 शहरों और कस्बों में भारी से अति भारी बारिश हुई है।

MP Weather News: भोपाल में झमाझम बारिश, मौसम हुआ सुहाना-

राजधानी भोपाल में शुक्रवार को दिनभर रुक-रुककर तेज बारिश हुई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को उमस से राहत मिली। मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना जताई है।

MP Weather News: खंडवा में फसलों को भारी नुकसान, 10 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन-

खंडवा जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान 128 मिमी (5 इंच से अधिक) बारिश हुई। लगातार बारिश से कपास और मक्का की फसलें खेतों में बिछ गईं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ। वहीं आबना और सुक्ता नदी के तेज बहाव के कारण हांड़ी-कुंडी गांव के पास बने टापू पर फंसे चार लोगों को SDRF ने करीब साढ़े 10 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बाहर निकाला।

सेंधवा में घरों में घुसा पानी, तालाब ओवरफ्लो-

बड़वानी जिले के सेंधवा ब्लॉक में साढ़े चार इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई। धनोरा गांव में नाले का पानी 10 से 15 घरों में घुस गया, जिससे दो फीट तक जलभराव हो गया। कई खेतों में मक्का की फसल गिर गई, जबकि ब्लॉक का सबसे बड़ा तालाब भी ओवरफ्लो हो गया।

झाबुआ में दीवार गिरने से मां-बेटी घायल-

झाबुआ जिले के पेटलावद में गुरुवार देर रात बारिश के दौरान एक पुराने मकान की दीवार ढह गई। हादसे में कमरे में सो रही 45 वर्षीय किरण सोनी और उनकी 24 वर्षीय बेटी निकिता घायल हो गईं। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद रतलाम रेफर किया गया। घटना CCTV कैमरे में भी कैद हुई।

मंदसौर और इटारसी में किसानों को राहत-

मंदसौर में पिछले 24 घंटे में करीब एक इंच बारिश हुई। किसानों के अनुसार यह बारिश सोयाबीन, मक्का और उड़द की फसलों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। वहीं इटारसी में दो दिन की बारिश से सूख रही धान की फसल को नई जिंदगी मिली है। लगातार वर्षा से तवा डैम का जलस्तर भी बढ़कर 1126.30 फीट पहुंच गया।

47 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश-

प्रदेश के 47 जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, जबलपुर, रीवा, सागर, सतना, शहडोल, खंडवा, खरगोन, धार, उज्जैन और विदिशा समेत कई जिले शामिल हैं। वहीं भोपाल, इंदौर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, मंदसौर, राजगढ़ और सीहोर में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। सबसे ज्यादा अतिरिक्त वर्षा देवास में 29% दर्ज हुई।

जुलाई में भी बारिश सामान्य से कम रही-

मौसम विभाग के अनुसार जून के बाद जुलाई में भी प्रदेश में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे रहा। शुरुआती दिनों में तेज बारिश से स्थिति सुधरी थी, लेकिन बाद में लगातार कई दिनों तक बारिश कमजोर रहने से औसत घट गया। प्रदेश की सामान्य मानसूनी वर्षा 37.3 इंच मानी जाती है, जबकि जुलाई में कुल बारिश का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा दर्ज होता है।

बड़े शहरों के पुराने बारिश रिकॉर्ड-

इंदौर: 27 जुलाई 1913 को 24 घंटे में 11.5 इंच बारिश का रिकॉर्ड।

भोपाल: वर्ष 1986 में जुलाई में करीब 41 इंच बारिश हुई थी, जबकि 22 जुलाई 1973 को एक दिन में 11 इंच पानी बरसा।

जबलपुर: 30 जुलाई 1915 को 13.5 इंच बारिश का रिकॉर्ड।

ग्वालियर: वर्ष 1935 में जुलाई में 24.5 इंच बारिश दर्ज हुई थी।

उज्जैन: जुलाई में प्रदेश के सबसे अधिक बारिश वाले शहरों में शामिल, जहां मानसून की लगभग 40% बारिश इसी महीने होती है।

मौसम विभाग की सलाह-

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक मध्यप्रदेश के कई जिलों में बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। प्रशासन ने नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है

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