Pahalgam Style attack in Kulgam: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर 2025 के पहलगाम हमले की भयावह यादें ताजा कर दी हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आतंकियों ने गैर-स्थानीय प्रवासी मजदूरों के एक समूह को रोककर पहले उनका नाम और पहचान पूछी। इसके बाद धार्मिक पहचान के आधार पर दो हिंदू मजदूरों को बाकी लोगों से अलग कर दिया गया और उन पर बेहद करीब से गोलियां चला दीं। इस हमले में छत्तीसगढ़ के एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल मजदूर का अस्पताल में इलाज जारी है।
पहलगाम हमले जैसी दिखी वारदात की शैली
इस हमले का तरीका सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय बन गया है। वर्ष 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में भी आतंकियों ने लोगों की पहचान पूछकर उन्हें निशाना बनाया था। कुलगाम में सामने आया घटनाक्रम भी उसी पैटर्न से मिलता-जुलता बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, आतंकियों ने पहले मजदूरों से नाम पूछा, फिर धार्मिक पहचान सुनिश्चित करने के बाद चुनिंदा लोगों को अलग किया और उन पर पॉइंट-ब्लैंक रेंज से फायरिंग कर दी।
Pahalgam Style attack in Kulgam:मजदूरों को बनाया आसान निशाना
हमले के वक्त सभी मजदूर अपने काम से जुड़े हुए थे। अचानक पहुंचे आतंकियों ने पूरे समूह को रोक लिया और एक-एक कर उनसे नाम पूछने लगे। शुरुआत में किसी को अंदाजा नहीं था कि यह पूछताछ कुछ ही क्षणों में खूनी हमले में बदल जाएगी। पहचान सुनिश्चित होते ही दो मजदूरों को समूह से अलग किया गया और उन पर नजदीक से गोलियां दाग दी गईं। हमला इतना अचानक था कि बाकी मजदूर संभल भी नहीं सके।
Pahalgam Style attack in Kulgam:सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन तेज
घटना की सूचना मिलते ही जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए। पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और आतंकियों की तलाश में बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। शुरुआती जांच में सुरक्षा एजेंसियां लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के आतंकियों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं। फिलहाल अधिकारियों ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
घाटी में फिर बढ़ी सुरक्षा को लेकर चिंता
कुलगाम की यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब घाटी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सतर्कता बरती जा रही थी। इस हमले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आतंकी संगठन फिर से पहचान के आधार पर टारगेटेड किलिंग की रणनीति अपना रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस हमले के पीछे मौजूद पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं, जबकि इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
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