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MP में 21 साल बाद लौटेंगी सरकारी बसें, 25 सितंबर से शुरुआत, 15 हजार बसों का प्लान… 75% पंचायतों तक पहुंचेगा नेटवर्क

Mp Government Bus: मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को लेकर मोहन यादव सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में करीब दो दशक से राज्य स्तरीय सरकारी बस सेवा का अभाव रहा है, लेकिन अब एक बार फिर बड़े स्तर पर बस नेटवर्क तैयार करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत 25 सितंबर से प्रस्तावित है। सरकार का लक्ष्य अगले 3 से 4 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से करीब 15 हजार बसें सड़कों पर उतारने और प्रदेश की लगभग 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस नेटवर्क से जोड़ने का है।

21 साल पहले बंद हुई थीं सरकारी बस सेवा?

मध्य प्रदेश में सरकारी बस परिवहन के लिए मध्य प्रदेश सड़क परिवहन निगम यानी एमपीएसआरटीसी काम करता था। लगातार वित्तीय संकट और बढ़ते घाटे के बीच राज्य सरकार ने 18 फरवरी 2005 को निगम को बंद करने का सैद्धांतिक निर्णय लिया था। इसके बाद धीरे-धीरे सरकारी बस परिवहन की व्यवस्था खत्म होती गई। विधानसभा के रिकॉर्ड के अनुसार निगम द्वारा संचालित यात्री बसों का संचालन 30 सितंबर 2010 से पूरी तरह बंद हो गया था। इसके बाद प्रदेश में यात्री परिवहन का बड़ा हिस्सा निजी बस ऑपरेटरों पर निर्भर हो गया। खासकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में नियमित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन की जरूरत लगातार महसूस होती रही।

Mp Government Bus: अब 25 सितंबर से क्या बदलने वाला है?

मोहन यादव सरकार अब सार्वजनिक परिवहन को नए मॉडल के साथ दोबारा मजबूत करने जा रही है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी PPP मॉडल के जरिए संचालित करने की योजना है। इसका उद्देश्य केवल शहरों में बसें चलाना नहीं, बल्कि गांवों और छोटे कस्बों को तहसील, जिला मुख्यालय और बड़े शहरों से बेहतर तरीके से जोड़ना है। नई व्यवस्था के जरिए यात्रियों को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन सुविधा देने पर जोर रहेगा। बसों में GPS, डिजिटल ट्रैकिंग, CCTV जैसी सुविधाओं को शामिल करने की योजना बताई गई है। इससे यात्रियों को बस की स्थिति और यात्रा से जुड़ी जानकारी हासिल करने में भी आसानी होगी।

Mp Government Bus:

15 हजार बसों का प्लान, 75% पंचायतों तक नेटवर्क

सरकार ने आने वाले वर्षों के लिए बड़ा लक्ष्य तय किया है। योजना के तहत 3 से 4 साल में करीब 15 हजार बसों का नेटवर्क विकसित करने की तैयारी है। इसका सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा ग्रामीण कनेक्टिविटी है। सरकार की योजना प्रदेश की करीब 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़ने की है। इसका फायदा उन लोगों को सबसे ज्यादा मिल सकता है, जिन्हें अभी गांव से तहसील या जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए निजी साधनों अथवा सीमित बस सेवाओं पर निर्भर रहना पड़ता है। विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग, छोटे व्यापारी, मरीज और ग्रामीण क्षेत्र के अन्य यात्रियों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

Mp Government Bus: त्योहारों पर मुफ्त बस सेवा की राह भी हो सकती है आसान

इस नई व्यवस्था का एक संभावित फायदा त्योहारों और विशेष अवसरों पर दिखाई दे सकता है। देश के कई राज्यों में रक्षाबंधन जैसे त्योहारों पर महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा या विशेष बस सेवाओं की व्यवस्था की जाती है। मध्य प्रदेश में बड़े सरकारी बस नेटवर्क के अभाव में ऐसी सुविधाओं को व्यापक स्तर पर लागू करना चुनौतीपूर्ण रहा है। अब राज्य में बड़ा सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क तैयार होने के बाद सरकार के पास भविष्य में त्योहारों, महिलाओं, विद्यार्थियों या अन्य विशेष वर्गों के लिए किराया राहत और विशेष बस सेवा जैसी योजनाएं लागू करने की ज्यादा क्षमता होगी। हालांकि, 25 सितंबर से शुरू होने वाली नई सेवा के साथ फिलहाल किसी वर्ग के लिए मुफ्त यात्रा की घोषणा नहीं की गई है।

मोहन सरकार की बड़ी पहल क्यों मानी जा रही है?

मध्य प्रदेश में लंबे समय बाद सार्वजनिक परिवहन को राज्य स्तर पर व्यवस्थित करने की कोशिश हो रही है। 21 साल पुराने सरकारी परिवहन ढांचे के बाद PPP मॉडल के जरिए नया नेटवर्क खड़ा करना सरकार के लिए भी बड़ी चुनौती और अवसर दोनों है। अगर 15 हजार बसों का लक्ष्य और 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों तक कनेक्टिविटी निर्धारित समय में हासिल होती है, तो इससे गांवों और शहरों के बीच आवागमन आसान हो सकता है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव सरकार की इस पहल को प्रदेश के आम यात्रियों के लिए बड़े बदलाव की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।

 

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