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काशी से वडनगर तक बाइक यात्रा क्यों? मोदी की जन्मभूमि से कर्मभूमि के बीच BJP की नजर UP चुनाव पर?

Seva Yatra: काशी से वडनगर तक बाइक यात्रा क्यों? BJP का मेगा प्लान

Seva Yatra: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से बीजेपी देशभर में एक महीने का ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू करने जा रही है। इस अभियान का सबसे चर्चित हिस्सा काशी से गुजरात के वडनगर तक निकलने वाली बाइक यात्रा है। करीब 500 युवा इस यात्रा में शामिल होंगे। यात्रा को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हरी झंडी दिखाएंगे। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इस यात्रा के लिए काशी से वडनगर का रास्ता ही क्यों चुना गया और इसके पीछे सिर्फ सेवा अभियान है या कोई बड़ा राजनीतिक संदेश भी है?

काशी से वडनगर को ही क्यों जोड़ा गया?

काशी और वडनगर का चुनाव महज दो शहरों का चयन नहीं माना जा रहा। वडनगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन्मभूमि है, जबकि वाराणसी यानी काशी उनका लोकसभा क्षेत्र और राजनीतिक कर्मभूमि है। ऐसे में दोनों शहरों को जोड़ने वाली बाइक यात्रा मोदी के सार्वजनिक जीवन की यात्रा को प्रतीकात्मक रूप से जोड़ती है। बीजेपी की ओर से इसे युवाओं को सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने की पहल बताया जा रहा है।

Seva Yatra: 500 युवा, 50 जिले और बड़ा जनसंपर्क

इस यात्रा में अलग-अलग राज्यों के करीब 500 युवा शामिल होंगे और इसका रूट उत्तर प्रदेश के करीब 50 जिलों से होकर गुजरेगा। रास्ते में पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से यात्रियों का स्वागत किया जाएगा और स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क कार्यक्रम भी होंगे। वहीं उत्तर प्रदेश में काशी से निकलने वाली यात्रा कई जिलों, विधानसभा क्षेत्रों और बूथों तक पहुंचने की योजना से भी जुड़ी है। यानी बाइक यात्रा के जरिए युवा संपर्क के साथ संगठनात्मक पहुंच बढ़ाने पर भी जोर है।

क्या 2027 के UP चुनाव से भी है कनेक्शन?

उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और बीजेपी ने राज्य में संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। ऐसे में काशी से शुरू होने वाली यात्रा का यूपी के बड़े हिस्से से गुजरना राजनीतिक तौर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि बीजेपी इस अभियान को सेवा और जनजागरूकता से जोड़कर पेश कर रही है, लेकिन चुनाव से पहले युवाओं और लाभार्थियों के बीच संपर्क बढ़ाने तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने का पहलू इसे राजनीतिक रूप से भी अहम बनाता है।

Seva Yatra: मोदी के 25 साल और ‘सेवा संकल्प’ का संदेश

इस पूरे अभियान को प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने से भी जोड़ा गया है। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान में रक्तदान, जनजागरूकता, सरकारी योजनाओं की जानकारी और अन्य सेवा गतिविधियां शामिल हैं। काशी-वडनगर बाइक यात्रा इसी व्यापक अभियान का हिस्सा है। इस लिहाज से बीजेपी एक तरफ मोदी के राजनीतिक सफर और उनके जन्मदिन को जोड़ रही है, तो दूसरी तरफ युवाओं के जरिए सेवा और विकास का संदेश जमीन तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है।

 

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