Kejriwal E20: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E-20 पेट्रोल नीति को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। दिल्ली में आयोजित ‘नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट E-20’ कार्यक्रम में उन्होंने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त वैज्ञानिक जानकारी और जनता की सहमति के देश में E-20 को लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को लोगों की चिंताओं का जवाब देना चाहिए और पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को विकल्प उपलब्ध कराना चाहिए।
पेट्रोल पंपों पर विकल्प देने की मांग
टाउनहॉल में केजरीवाल ने केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि सभी पेट्रोल पंपों पर E-20 के साथ शुद्ध पेट्रोल का विकल्प भी उपलब्ध होना चाहिए, ताकि उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार ईंधन चुन सकें। उन्होंने यह भी मांग की कि E-20 की कीमत शुद्ध पेट्रोल से कम हो और देश में पेट्रोल की कीमत 84 रुपये प्रति लीटर से नीचे लाई जाए। उनका कहना था कि जनता पर किसी भी ईंधन नीति को जबरन नहीं थोपा जाना चाहिए।
Kejriwal E20: ई-20 पर सरकार से मांगी वैज्ञानिक रिपोर्ट
केजरीवाल ने दावा किया कि देशभर से बड़ी संख्या में लोग E-20 को लेकर अपनी शिकायतें सामने रख रहे हैं। उन्होंने एक सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि कई वाहन चालकों ने माइलेज घटने और इंजन से जुड़ी समस्याओं की बात कही है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि यदि E-20 पूरी तरह सुरक्षित है तो उसके समर्थन में उपलब्ध वैज्ञानिक अध्ययन और तकनीकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि लोगों के मन में उठ रहे सवालों का जवाब मिल सके।
नई गाड़ियां खरीदने को लेकर दी सलाह
कार्यक्रम के दौरान केजरीवाल ने लोगों से अपील की कि जब तक देश में E-100 तकनीक के अनुरूप वाहन उपलब्ध नहीं हो जाते, तब तक नई पेट्रोल और डीजल गाड़ियां खरीदने से बचें। उन्होंने कहा कि यदि नई गाड़ी खरीदनी ही हो तो इलेक्ट्रिक वाहन बेहतर विकल्प हो सकते हैं। उनका आरोप था कि भविष्य में ईंधन में इथेनॉल की मात्रा और बढ़ाई जा सकती है, जिससे पुराने वाहनों पर असर पड़ सकता है।
Kejriwal E20: सरकार की नीति पर उठाए सवाल
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि E-20 नीति से न तो आम उपभोक्ताओं को अपेक्षित लाभ मिल रहा है और न ही किसानों को। उन्होंने कहा कि सरकार को इस विषय पर सभी पक्षों से चर्चा कर पारदर्शी नीति अपनानी चाहिए। साथ ही उन्होंने केंद्र से अपील की कि किसी भी बड़े बदलाव से पहले जनता को पर्याप्त जानकारी, विकल्प और तकनीकी स्पष्टता उपलब्ध कराई जाए, ताकि उपभोक्ताओं के हित सुरक्षित रह सकें।
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