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JNU में उमर खालिद की किताब पर चर्चा रद्द, बुकिंग भी निरस्त

Umar Khalid

Umar Khalid: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में पूर्व छात्र उमर खालिद की किताब फ्रैक्चर्ड कम्युनिटीज पर प्रस्तावित पुस्तक चर्चा कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया है। यह कार्यक्रम 10 अगस्त 2026 को एसएसएस-1 सभागार में आयोजित होना था। विश्वविद्यालय की ओर से सभागार की बुकिंग पहले मंजूर की गई थी, लेकिन बाद में इसे रद्द कर दिया गया। जेएनयू प्रशासन ने इसके पीछे कार्यक्रम से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराए जाने को कारण बताया है।

10 अगस्त को होना था पुस्तक चर्चा कार्यक्रम

प्रस्तावित कार्यक्रम दोपहर 3 बजे से एसएसएस-1 सभागार में होना था। कार्यक्रम के पोस्टर में कई शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के शामिल होने की जानकारी दी गई थी। कार्यक्रम में प्रोफेसर प्रभु मोहपात्रा, प्रोफेसर उमा चक्रवर्ती, शुद्धब्रता सेनगुप्ता, हर्ष मंदर और बनोज्योत्सना लाहिड़ी को वक्ता के तौर पर शामिल किया जाना था। सभागार की बुकिंग 7 अगस्त को कन्फर्म की गई थी।

Umar Khalid: प्रशासन ने बताई बुकिंग रद्द करने की वजह

जेएनयू की ओर से जारी आधिकारिक पत्र में कहा गया कि कार्यक्रम के संबंध में पूरी जानकारी विश्वविद्यालय को उपलब्ध नहीं कराई गई थी। इसी आधार पर सभागार की बुकिंग रद्द करने का फैसला लिया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जेएनयू एक लोकतांत्रिक और विकेंद्रीकृत संस्थान है। प्रशासन के अनुसार, कार्यक्रम की अनुमति एसएसएस के डीन की ओर से दी गई थी और बुकिंग रद्द करने की कार्रवाई भी उन्हीं के स्तर से की गई।

बुकिंग रिकॉर्ड में प्रोफेसर अविनाश कुमार का नाम

कार्यक्रम की बुकिंग से जुड़े रिकॉर्ड में प्रोफेसर अविनाश कुमार का नाम भी दर्ज था। उन्हें संबंधित केंद्र के संकाय प्रतिनिधि के तौर पर कार्यक्रम में मौजूद रहना था। हालांकि, बुकिंग रद्द होने के बाद अब 10 अगस्त को प्रस्तावित पुस्तक चर्चा का आयोजन नहीं होगा। विश्वविद्यालय ने अपने पत्र में कार्यक्रम की जानकारी से जुड़े पहलुओं को बुकिंग निरस्त करने का आधार बताया है।

Umar Khalid: उमर खालिद की किताब पर होना था विमर्श

उमर खालिद जेएनयू के पूर्व छात्र हैं और उनकी किताब फ्रैक्चर्ड कम्युनिटीज पर इस चर्चा का आयोजन प्रस्तावित था। कार्यक्रम में शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को किताब और उससे जुड़े विषयों पर विचार रखने थे। फिलहाल कार्यक्रम रद्द होने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में इस फैसले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। जेएनयू देश के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों में शामिल है और अकादमिक बहस, शोध तथा विभिन्न विचारों पर विमर्श के लिए जाना जाता है।

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