RANCHI PROTEST: झारखंड में JPSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच सरकार और छात्रों के बीच हुई तीसरे दौर की बातचीत से बड़ी जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में सरकार की ओर से छात्रों की कई प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया गया। इसमें 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने, जांच 90 दिनों में पूरी करने और आर्थिक पहलुओं की जांच के लिए ED की भूमिका से जुड़े आश्वासन शामिल हैं। हालांकि, इन फैसलों पर आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने की बात
सूत्रों के अनुसार, सरकार की कमेटी ने बैठक में 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने की बात कही है। इसके साथ ही 2023 से 2025 के बीच की बैकलॉग JPSC परीक्षाओं को लेकर भी बड़ा फैसला होने की जानकारी सामने आई है। छात्र लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पारदर्शिता और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे हैं। ऐसे में परीक्षा रद्द करने के आश्वासन को आंदोलन के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
RANCHI PROTEST: 90 दिनों में CID जांच का भरोसा
बैठक में सरकार की ओर से कथित तौर पर कहा गया कि पूरे मामले की CID जांच 90 दिनों के भीतर पूरी की जाएगी। छात्रों की प्रमुख मांगों में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच भी शामिल रही है। वहीं, आर्थिक मामलों और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े पहलुओं की जांच ED से कराने की बात भी सामने आई है। इससे मामले की जांच का दायरा और बढ़ सकता है।

TDPL से जुड़ी परीक्षाओं की भी जांच
सूत्रों के मुताबिक, आउटसोर्सिंग एजेंसी TDPL की ओर से संचालित सभी परीक्षाओं को भी जांच के दायरे में लाने की बात कही गई है। छात्रों की ओर से परीक्षा संचालन और भर्ती प्रक्रिया में शामिल एजेंसियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जाते रहे हैं। सरकार के इस रुख के बाद अब जांच की प्रक्रिया और उसके निष्कर्षों पर नजर रहेगी।
RANCHI PROTEST: आधिकारिक आदेश का इंतजार
बैठक से सामने आई जानकारी के बाद छात्रों की मांगों पर सरकार के रुख को लेकर आंदोलन में नया मोड़ आया है। हालांकि, अभी तक परीक्षा रद्द करने और अन्य फैसलों को लेकर औपचारिक सरकारी आदेश सामने नहीं आया है। इसलिए 14वीं JPSC समेत बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने की अंतिम स्थिति आधिकारिक अधिसूचना के बाद ही साफ होगी। अब छात्रों की नजर सरकार के अगले कदम और लिखित आदेश पर है।








