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गर्भावस्था में थकान और चक्कर को न करें नजरअंदाज, एनीमिया से मां और शिशु को हो सकता है खतरा

Pregnancy Anemia:

Pregnancy Anemia: गर्भावस्था के दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। इस दौरान आयरन की जरूरत बढ़ जाती है और इसकी कमी होने पर एनीमिया यानी खून की कमी की समस्या हो सकती है। ऐसे में लगातार थकान, कमजोरी और चक्कर जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

Pregnancy Anemia: गर्भावस्था में क्यों बढ़ जाती है आयरन की जरूरत-

गर्भावस्था के दौरान शरीर में रक्त की मात्रा बढ़ती है। शरीर को शिशु तक पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए अधिक लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करना पड़ता है। इसके लिए आयरन की जरूरत बढ़ जाती है। डॉ. माला श्रीवास्तव, गाइनोकोलॉजिस्ट, सर गंगाराम अस्पताल, नई दिल्ली के अनुसार, अगर शरीर में पर्याप्त आयरन का भंडार नहीं है, तो गर्भावस्था के दौरान आयरन की कमी से एनीमिया हो सकता है। गंभीर स्थिति में इसका असर मां और गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।

Pregnancy Anemia: किशोरावस्था से ही रखें एनीमिया से बचाव का ध्यान-

किशोर उम्र की लड़कियों में मासिक धर्म और पोषण की कमी जैसे कारणों से एनीमिया का खतरा बढ़ सकता है। शरीर में खून की कमी का असर उनके शारीरिक और संज्ञानात्मक विकास पर भी पड़ सकता है। आगे चलकर एनीमिया स्वस्थ गर्भावस्था के लिए भी चुनौती बन सकता है। एनीमिया मुक्त भारत रणनीति के तहत 10 से 19 वर्ष की लड़कियों और किशोरियों के लिए सप्ताह में एक बार आयरन और फोलिक एसिड की गोली लेने की सिफारिश की गई है।

गर्भावस्था में एनीमिया के लक्षण-

गर्भावस्था के दौरान नीचे दिए गए लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है:

– अत्यधिक थकान
– कमजोरी
– चक्कर आना
– त्वचा का रंग पीला या हल्का पड़ना
– सांस लेने में परेशानी
– दिल की धड़कन तेज होना
– कम रक्तचाप
– ध्यान केंद्रित करने में परेशानी

एनीमिया से बचाव के लिए क्या करें-

आयरन की कमी से बचने के लिए खान-पान पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार आयरन युक्त सप्लीमेंट भी लिए जा सकते हैं।

– आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करें।
– मांस, मछली, अनाज, गहरे हरे पत्तेदार सब्जियां, सूखे बीन्स और मटर का सेवन करें।
– पौधों से मिलने वाले आयरन के अवशोषण के लिए विटामिन C से भरपूर खाद्य पदार्थ लें, जैसे संतरा, टमाटर और स्ट्रॉबेरी।
– आयरन सप्लीमेंट लेते समय कैल्शियम सप्लीमेंट के सेवन को लेकर डॉक्टर की सलाह लें, क्योंकि कैल्शियम आयरन के अवशोषण को प्रभावित कर सकता है।
– घर पर खाना तैयार करें। लोहे के बर्तनों में खाना पकाना भी आहार में आयरन की मात्रा बढ़ाने का एक विकल्प हो सकता है।

डॉक्टर से जांच कराना जरूरी-

गर्भावस्था में एनीमिया का पता लगाने के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच और हीमोग्लोबिन की जांच महत्वपूर्ण है। थकान, चक्कर या कमजोरी जैसे लक्षण लगातार बने रहें तो खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लें

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